धनबाद में ‘अपना दीया, अपनी दिवाली’ का छठा दिन खास, महापौर संजीव सिंह और विधायक जयराम महतो ने किया शुभारंभ

धनबाद में ‘अपना दीया, अपनी दिवाली’ का छठा दिन खास, महापौर संजीव सिंह और विधायक जयराम महतो ने किया शुभारंभ

‘अपना दीया, अपनी दिवाली’ के छठे दिन दिखा सांस्कृतिक उत्साह

धनबाद। दीपावली के उल्लास को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता से जोड़ने की पहल के तहत 99 ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से आयोजित ‘अपना दीया, अपनी दिवाली’ कार्यक्रम का छठा दिन खास रहा। मेमको मोड़ स्थित रामाजी कॉम्प्लेक्स के 99G कॉरपोरेट कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में शहर के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ धनबाद के महापौर संजीव सिंह, डुमरी विधायक जयराम महतो और अंचलाधिकारी राम प्रवेश कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर 99 ग्रुप के सीईओ राम प्रताप सिंह, वाइस प्रेसिडेंट महेश मोदी और राकेश पाठक भी मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन के साथ परिसर में उत्सव का माहौल बना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर सजाया गया ऑडिटोरियम

इस वर्ष कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर तैयार की गई विशेष सजावट रही। आयोजन स्थल के ऑडिटोरियम को भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी झांकियों से सजाया गया है।

सजावट के माध्यम से देश के गौरवशाली अतीत, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने का प्रयास किया गया। आयोजन में पहुंचने वाले लोगों के लिए यह सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आयोजकों का उद्देश्य दीपावली के पारंपरिक उत्सव के साथ नई पीढ़ी को देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

महापौर संजीव सिंह ने जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां बांटने की अपील की

कार्यक्रम में महापौर संजीव सिंह ने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए इस पर्व को प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीपावली का वास्तविक संदेश केवल अपने घरों को रोशन करना नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों के जीवन में भी खुशियों का उजाला पहुंचाना है, जो किसी कारणवश त्योहार की खुशियों से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने जरूरतमंदों की मदद करने और समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने की अपील की। महापौर ने 99 ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।

विधायक जयराम महतो और अंचलाधिकारी ने की पहल की सराहना

डुमरी विधायक जयराम महतो ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी भाषा, इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना जरूरी है। त्योहार समाज में आपसी भाईचारे और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

वहीं, धनबाद अंचलाधिकारी राम प्रवेश कुमार ने भी आयोजन की सराहना की। उन्होंने भारतीय पर्व-त्योहारों को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों से समाज के अलग-अलग वर्गों को एक मंच पर आने का अवसर मिलता है।

99 ग्रुप ने बताया सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम का अभियान

99 ग्रुप के सीईओ राम प्रताप सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ‘अपना दीया, अपनी दिवाली’ केवल दीपावली का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को समाज तक पहुंचाने का अभियान है।

उन्होंने कहा कि दीपावली अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने और आपसी मतभेद भुलाकर खुशियां बांटने का संदेश देती है। बदलते समय में बच्चों और युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम, देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना भी जरूरी है। ग्रुप का प्रयास है कि यह आयोजन सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का माध्यम बने।

7 नवंबर तक जारी रहेगा कार्यक्रम

कार्यक्रम के अंत में 99 ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट महेश मोदी ने अतिथियों, गणमान्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि ‘अपना दीया, अपनी दिवाली’ का आयोजन 7 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक, रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से शहरवासियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम का मंच संचालन 99 ग्रुप के डॉ. अमित रंजन ने किया। वहीं, भानु सोनी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह में ग्रुप के पदाधिकारी, कर्मचारी और शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आयोजन के छठे दिन भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सद्भाव का संदेश प्रमुखता से सामने आया। आयोजकों की पहल का उद्देश्य दीपावली की खुशियों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के साथ देश की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


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