AI और डिजी यात्रा से लैस होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चेहरे की पहचान से 15-20 मिनट में होगी बोर्डिंग

AI और डिजी यात्रा से लैस होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चेहरे की पहचान से 15-20 मिनट में होगी बोर्डिंग

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है। एयरपोर्ट जल्द ही अपने संचालन की शुरुआत करेगा। पहले चरण में एक रनवे और टर्मिनल बिल्डिंग तैयार की गई है। इंडिगो की कमर्शियल उड़ानें 15 जून से शुरू होने की योजना है।

इस एयरपोर्ट पर यात्रियों को आधुनिक डिजी यात्रा सुविधा मिलेगी। इसके तहत प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक फेस रिकॉग्निशन तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे यात्रियों को कागज दिखाने या लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे तेजी से अपनी फ्लाइट पकड़ सकेंगे।

प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक सबकुछ होगा स्मार्ट

बता दें कि पहले चरण में 3900 मीटर लंबा एक रनवे और टर्मिनल बिल्डिंग के साथ 11077 करोड़ की लागत से तैयार नोएडा एयरपोर्ट की शुरुआती यात्री क्षमता 1.2 करोड़ है। टर्मिनल के ठीक सामने पार्किंग से प्रवेश के बाद बेहद तेजी से सुरक्षा जांच पूरी करने के साथ ही मात्र 15 से 20 मिनट में बोर्डिंग किया जा सकता है। प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक की प्रक्रिया को पूरी तरह से स्मार्ट बनाया गया है।

एयरपोर्ट पर लगे एआइ कैमरों की तरफ देखते ही आपके चेहरे से आपकी पहचान होते ही एंट्री के लिए गेट भी खुल जाएगा। यात्रियों को भीड़भाड़ से बचाव के लिए फोरकोर्ट एरिया में 48 चेक इन काउंटर संचालित रहेंगे। फोरकोर्ट से डोमेस्टिक डिपार्चर के लिए फस्ट फ्लोर पर स्वचलित सीढ़ियों से पहुंचते हुए रनवे साइड में तैयार एयरोब्रिज से यात्री हवाई जहाज में सीधे प्रवेश कर सकेंगे। एयरपोर्ट पर दस एयरोब्रिज की सुविधा तैयार की गई है।

एक घंटे में 100 से अधिक सामान हैंडल करेगी मशीन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सेल्फ बैगेज जांच के लिए शानदार सिस्टम लगाया गया है। जहां मात्र 30 सेकंड में बैगेज जमा किया जा सकते हैं। इसके अलावा 48 चेक इन काउंटर नौ सिक्योरिटी लेंस, 19 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। एयरपोर्ट पर लगी सेल्फ बैगेज मशीन एक घंटे में 100 से अधिक यात्रियों के बैगेज को हैंडल करने में सक्षम है।

पांच गुना तेजी से होगी बैगेज की जांच

नोएडा एयरपोर्ट पर सीमेंस बैरियो-ट्रे सिस्टम पर हर मिनट 70 ट्रे के बैगेज की जांच कर आगे बढ़ाने की क्षमता है। यह स्पीड 10 मीटर/सेकंड, जो दिल्ली एयरपोर्ट के आइसीएस के 2.1 मी/ सेकंड से पांच गुना तेज है। ये सिस्टम दुबई, बीजिंग, पेरिस जैसे एयरपोर्ट पर संचालित है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के लिए 13 सुरक्षा गेट छह एक्सरे मशीनें भी लगाई गई हैं।

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