ACB Raid Ranchi: बुढ़मू के CO समेत तीन आरोपी तीन दिन की पुलिस रिमांड पर, रिश्वत कांड की जांच तेज

ACB Raid Ranchi: बुढ़मू के CO समेत तीन आरोपी तीन दिन की पुलिस रिमांड पर, रिश्वत कांड की जांच तेज

रांची: बुढ़मू अंचल में जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के बदले रिश्वत लेने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जांच तेज कर दी है। विशेष अदालत ने बुढ़मू के अंचल अधिकारी (CO) सच्चिदानंद कुमार वर्मा, राजस्व उप निरीक्षक सह भू-राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि और उनके भाई गौतम किशोर रवि को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब ACB तीनों से पूछताछ कर कथित भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

3.20 एकड़ जमीन के म्यूटेशन के बदले 90 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप

ACB के अनुसार, एक व्यक्ति से उसकी 3.20 एकड़ जमीन के म्यूटेशन के बदले 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामले का सत्यापन किया और जाल बिछाकर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि के भाई गौतम किशोर रवि को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। जांच में उसकी भूमिका कथित बिचौलिए के रूप में सामने आई। इसके बाद CO सच्चिदानंद कुमार वर्मा और राजेश किशोर रवि को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

बैंक खाते, लॉकर और संपत्तियों की होगी जांच

ACB अब आरोपियों के बैंक खातों, लॉकरों और चल-अचल संपत्तियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है या नहीं। यदि जांच में ऐसे साक्ष्य मिलते हैं तो मामले में आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण भी जोड़ा जा सकता है।

भ्रष्टाचार के नेटवर्क की तलाश में जुटी ACB

पुलिस रिमांड के दौरान ACB तीनों आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह जानना है कि कथित रिश्वत की रकम किसके बीच किस अनुपात में बांटी जाती थी और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी।

लंबित म्यूटेशन फाइलों की भी होगी जांच

जांच एजेंसी बुढ़मू अंचल में लंबे समय से लंबित पड़ी म्यूटेशन फाइलों की भी समीक्षा कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं रिश्वत लेने के उद्देश्य से जानबूझकर फाइलों को लंबित तो नहीं रखा गया था। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिनके आधार पर अन्य कर्मचारियों या बिचौलियों के खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।

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