मुकुंदा (धनबाद): मुकुंदा में जमीन अधिग्रहण के बाद लगातार हो रही ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग से आसपास के खेतों में जलजमाव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि डंपिंग के कारण खेतों से पानी की निकासी का प्राकृतिक रास्ता बंद हो गया है। इसकी वजह से इस वर्ष किसान धान की फसल नहीं लगा पाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में भी खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक चन्द्रदेव महतो से शिकायत की थी। ग्रामीणों के आमंत्रण पर मुकुंदा पंचायत भवन में बैठक आयोजित की गई, जहां विधायक ने पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने विधायक के सामने रखीं तीन प्रमुख समस्याएं
बैठक में ग्रामीणों ने ओबी डंपिंग के कारण खेतों में जलजमाव, पानी की निकासी का रास्ता बंद होने और जमीन अधिग्रहण के बावजूद कई रैयतों को मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में पानी जमा रहने के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, जिन रैयतों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनमें से कई को बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है।
ग्रामीणों ने विधायक से इन समस्याओं के जल्द समाधान के लिए पहल करने की मांग की।
विधायक चन्द्रदेव महतो ने ओबी डंपिंग स्थल का किया निरीक्षण
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद विधायक चन्द्रदेव महतो ने स्वयं ओबी डंपिंग स्थल का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर वहां जमा पानी और निकासी की स्थिति का जायजा लिया। खेतों की स्थिति देखकर उन्होंने चिंता और नाराजगी जताई।
विधायक ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याएं गंभीर हैं और इनके समाधान के लिए बीसीसीएल प्रबंधन के उच्चाधिकारियों से जल्द वार्ता की जाएगी। उन्होंने प्रबंधन से खेतों में जमा पानी की तत्काल निकासी की व्यवस्था करने और प्रभावित रैयतों के लंबित मुआवजे का अविलंब भुगतान करने की मांग की।
बीसीसीएल प्रबंधन को आंदोलन की चेतावनी
विधायक चन्द्रदेव महतो ने कहा कि ग्रामीणों के हक और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रबंधन को बातचीत के माध्यम से समय रहते समस्या का न्यायसंगत समाधान करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बीसीसीएल प्रबंधन ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है तो वह उनके हितों की रक्षा के लिए स्वयं सड़क पर उतरेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रैयत रहे मौजूद
मुकुंदा पंचायत भवन में आयोजित बैठक और निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, प्रभावित रैयत और पंचायत के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने खेतों से जलनिकासी की व्यवस्था बहाल करने और लंबित मुआवजे का भुगतान कराने की मांग उठाई।
अब ग्रामीणों की नजर बीसीसीएल प्रबंधन और विधायक के बीच प्रस्तावित वार्ता पर टिकी है। देखना होगा कि खेतों में जलजमाव और मुआवजे से जुड़ी समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

