धनबाद: दुर्गा पूजा से पहले झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत धनबाद जिले की लाखों महिलाओं के बैंक खातों में सितंबर 2026 की सम्मान राशि भेज दी गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले की 3 लाख 46 हजार 365 लाभुक महिलाओं के खातों में कुल 86 करोड़ 59 लाख 12 हजार 500 रुपये अंतरित किए गए हैं।
त्योहार से पहले राशि मिलने से लाभुक परिवारों को घरेलू जरूरतों और दुर्गा पूजा की तैयारियों में आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
86.59 करोड़ रुपये का हुआ भुगतान
जिला प्रशासन के मुताबिक, सितंबर महीने की सम्मान राशि का भुगतान आधार आधारित प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि जिले की पात्र लाभुक महिलाओं को राशि भेज दी गई है।
इस योजना के तहत प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली पात्र महिलाओं को लाभ मिला है। त्योहार से पहले भुगतान होने से परिवारों को अपनी जरूरतों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
गोविंदपुर में सबसे अधिक लाभुक
प्रखंड और अंचलवार आंकड़ों के अनुसार, गोविंदपुर में सबसे अधिक 50,413 महिलाओं के खातों में सम्मान राशि भेजी गई है। इसके बाद झरिया अंचल और बाघमारा प्रखंड का स्थान है।
प्रमुख क्षेत्रों में लाभुकों की संख्या इस प्रकार है:
- गोविंदपुर प्रखंड: 50,413 लाभुक
- झरिया अंचल: 44,279 लाभुक
- बाघमारा प्रखंड: 44,136 लाभुक
- धनबाद अंचल: 32,424 लाभुक
- तोपचांची प्रखंड: 27,020 लाभुक
- निरसा प्रखंड: 23,703 लाभुक
ये आंकड़े जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।
क्या है मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का उद्देश्य?
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत मिलने वाली राशि महिलाओं को अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।
धनबाद जिले में सितंबर 2026 की सम्मान राशि का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले किया गया है। इससे लाभुक महिलाओं को त्योहार के खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों के प्रबंधन में राहत मिलने की उम्मीद है।
दुर्गा पूजा से पहले महिलाओं को आर्थिक सहारा
धनबाद जिले में 3.46 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में राशि का अंतरण योजना के व्यापक दायरे को दर्शाता है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस भुगतान पर कुल 86 करोड़ 59 लाख 12 हजार 500 रुपये खर्च किए गए हैं।
त्योहार के मौके पर यह राशि लाभुक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन सकती है। हालांकि, प्रत्येक परिवार को मिलने वाली वास्तविक राहत उसकी जरूरतों और खर्चों पर निर्भर करेगी।
