पाकुड़: दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में एसडीओ साइमन मरांडी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने विभिन्न दुर्गापूजा पंडालों का निरीक्षण किया। शहर में कुल 27 पूजा पंडालों में दुर्गापूजा की तैयारियां चल रही हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पूजा समितियों से तैयारियों की जानकारी ली और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
हाटपाड़ा से तांतीपाड़ा तक पंडालों का निरीक्षण
प्रशासनिक टीम ने हाटपाड़ा, राजापाड़ा, रेलवे स्टेशन परिसर, शीतला मंदिर, तलवाडांगा, कालिकापुर बड़ी दुर्गा, रेलवे कॉलोनी, बैंक कॉलोनी और तांतीपाड़ा स्थित पूजा पंडालों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने पूजा समितियों से आयोजन की तैयारियों और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण का उद्देश्य पूजा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
प्रवेश और निकास द्वारों की व्यवस्था की जांच
निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन, प्रवेश द्वार, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए बनाए गए निकास द्वारों की जांच की गई। अधिकारियों ने पूजा समितियों को जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि पूजा के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम रहें, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
एसडीओ साइमन मरांडी ने दिए दिशा-निर्देश
एसडीओ साइमन मरांडी ने पूजा समितियों को सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने को कहा। उन्होंने सुरक्षा से संबंधित तैयारियां समय पर पूरी करने और आयोजन के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने का निर्देश दिया।
प्रशासन का उद्देश्य दुर्गापूजा के दौरान शहर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण टीम में कई अधिकारी रहे शामिल
पूजा पंडालों के निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ कुमार गौरव, डीटीओ मुजाहीद अंसारी, नगर प्रशासक अमरेंद्र कुमार, सीओ अरविंद भेदिया, अमित कुमार और थाना प्रभारी जॉन मुर्मू सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक टीम ने पूजा समितियों को निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा, ताकि दुर्गापूजा का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

