धनबाद। धनबाद से सटे टुंडी इलाके के गुलियाडीह गांव में सोमवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के हमले में एक सहायक अध्यापक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गिरजा मुर्मू के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड पिछले कुछ दिनों से इलाके में घूम रहा था। सोमवार रात हाथियों का झुंड गुलियाडीह गांव में पहुंच गया और खेतों व घरों के आसपास लगी फसल को नुकसान पहुंचाने लगा।
मकई की फसल में घुसा हाथियों का झुंड
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथियों का एक बड़ा झुंड पिछले दो-तीन दिनों से पीरटांड़ की ओर जाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, बराकर नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण हाथियों का झुंड आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
सोमवार रात झुंड गुलियाडीह गांव में पहुंच गया। यहां गिरजा मुर्मू और उनके भाई के घर के परिसर में लगी मकई की फसल को हाथी रौंदने लगे।
हाथियों को गांव और फसल से दूर करने के लिए गिरजा मुर्मू ने उन्हें भगाने का प्रयास किया। बताया गया कि उन्होंने टायर जलाकर शोर मचाया, जिसके बाद हाथियों का मुख्य झुंड आगे की ओर बढ़ गया।
अंधेरे में छिपे हाथी ने अचानक किया हमला
ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य झुंड को आगे बढ़ता देखकर गिरजा मुर्मू को लगा कि सभी हाथी वहां से चले गए हैं। लेकिन एक-दो हाथी अंधेरे में आसपास ही मौजूद थे।
जैसे ही गिरजा मुर्मू आगे बढ़े, एक हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और हाथी ने उन्हें पैरों तले कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे, लेकिन तब तक गिरजा मुर्मू की मौत हो चुकी थी।
वन विभाग और पुलिस के देर से पहुंचने पर ग्रामीण नाराज
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग और पुलिस प्रशासन को लेकर नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना की सूचना देने के बावजूद संबंधित टीम काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों का झुंड अब धनबाद के ग्रामीण इलाकों से होते हुए शहर के काफी करीब तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद हाथियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
घटना के बाद गांव के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का झुंड दोबारा आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर सकता है।
मुआवजा और हाथियों को सुरक्षित क्षेत्र में भेजने की मांग
ग्रामीणों ने मृतक सहायक अध्यापक गिरजा मुर्मू के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण लोगों में डर बना हुआ है। फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ अब इंसानी जान जाने की घटना ने चिंता और बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने, गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में इस तरह की घटना रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

