जामुड़िया। ईसीएल के केंदा एरिया अंतर्गत न्यू केंदा ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) की खदान नंबर 2 से पिछले पांच दिनों से लगातार धुआं निकलने की शिकायत सामने आई है। मंगलवार को खदान क्षेत्र में अचानक बड़ी मात्रा में धुआं दिखाई देने के बाद आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घने धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और बेचैनी जैसी समस्याएं हो रही हैं। धुआं बढ़ने से खदान के आसपास रहने वाले परिवारों में डर का माहौल बना हुआ है।
धुआं बढ़ने से आसपास के इलाकों में दहशत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सोमवार को धुएं की मात्रा अचानक बढ़ गई। इसके बाद दो नंबर काहार पाड़ा, सालडांगा और केंदा बाउरी पाड़ा समेत आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई।
लोगों का कहना है कि लगातार धुआं निकलने के कारण घरों के अंदर रहना भी मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी जताई है।
जहरीली गैसों को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई आशंका
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि कोयले की परत में आग लगने की वजह से धुआं निकल रहा हो सकता है। कुछ लोगों ने कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन और कार्बन डाईऑक्साइड जैसी गैसों के संभावित उत्सर्जन की आशंका भी जताई है।
हालांकि, इन गैसों की मौजूदगी या उनकी मात्रा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। धुएं के वास्तविक स्रोत और उसमें मौजूद गैसों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की जांच और ईसीएल प्रबंधन की वैज्ञानिक जांच जरूरी होगी।
ECL प्रबंधन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से धुआं निकलने की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसे रोकने के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
लोगों का कहना है कि लगातार धुएं के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ रही है और इस वजह से इलाके में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने खदान क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराने और धुएं के स्रोत का पता लगाने की मांग की है।
धुएं से स्वास्थ्य पर असर की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मौके पर विशेषज्ञों की टीम भेजकर स्थिति की जांच कराई जाए और अगर खदान में आग लगी है तो उसे जल्द नियंत्रित किया जाए।
इसके साथ ही धुएं के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे संभावित असर की भी जांच कराने की मांग की गई है। स्थिति गंभीर पाए जाने पर प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग भी उठी है।
स्थानीय निवासी रामकृष्ण बाउरी, प्रशांत गोप और बाबन बाउरी समेत अन्य लोगों ने समस्या का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है।
न्यूज ANP के लिए पश्चिम बंगाल से Atiqur Rahman की रिपोर्ट।

