धनबाद। खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन यानी MMDR संशोधन कानून और लेबर कोड के विरोध में धनबाद में CITU की ओर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का आयोजन रणधीर वर्मा चौक पर किया गया, जिसमें मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए।
CITU के धनबाद जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से MMDR कानून और लेबर कोड को वापस लेने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों को लेकर मजदूरों और खनिज बहुल राज्यों के हितों पर असर पड़ने की आशंका है।
CITU ने MMDR कानून को लेकर जताई आपत्ति
CITU जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि MMDR संशोधन के जरिए झारखंड के खनिज संसाधनों पर केंद्र का नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां के खनिज संसाधनों का लाभ राज्य के लोगों और मजदूरों को मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों और स्थानीय लोगों के हितों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर लंबे समय से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रहे हैं।
हालांकि, MMDR कानून को लेकर CITU की ओर से लगाए गए आरोप संगठन का पक्ष हैं। हाल के दिनों में झारखंड में अन्य राजनीतिक और मजदूर संगठनों ने भी संशोधित MMDR कानून के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं।
लेबर कोड को लेकर भी सरकार पर निशाना
प्रदर्शन में चार लेबर कोड का मुद्दा भी उठाया गया। CITU का कहना है कि नए श्रम कानूनों से मजदूरों के अधिकार और ट्रेड यूनियन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
केंद्र सरकार की ओर से लेबर कोड को श्रम कानूनों को सरल और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बताया जाता है, जबकि CITU इन कानूनों के कई प्रावधानों का विरोध करता रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों के रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
हजारों हस्ताक्षरों के साथ प्रधानमंत्री को भेजेंगे ज्ञापन
CITU की ओर से बताया गया कि MMDR और लेबर कोड के विरोध में हजारों मजदूरों और आम लोगों से हस्ताक्षर कराए जाएंगे। इन हस्ताक्षरों को एकत्र करने के बाद उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने की तैयारी है।
संगठन का कहना है कि हस्ताक्षर अभियान के जरिए केंद्र सरकार तक मजदूरों की आपत्तियां और मांगें पहुंचाई जाएंगी।
1 से 3 अक्टूबर तक दिल्ली में आंदोलन का ऐलान
CITU नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन के अनुसार, 1 से 3 अक्टूबर तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित है।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों, किसानों और युवाओं को आंदोलन से जोड़ने की बात भी कही गई। CITU नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में कानूनों के विरोध को लेकर अभियान और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में मजदूरों से जुड़े विभिन्न संगठनों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। संगठन ने MMDR संशोधन और लेबर कोड को लेकर अपनी आपत्तियों को आगे भी विभिन्न मंचों पर उठाने की बात कही।

