सरायकेला-खरसावां। जिला आयुष कार्यालय और जिला आयुष समिति, सरायकेला-खरसावां के संयुक्त तत्वावधान में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” रखी गई है।
आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वैन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को आयुर्वेद के महत्व और इसके उपयोग से संबंधित जानकारी देगी।
स्कूली बच्चों को आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
आयुर्वेद दिवस के अवसर पर अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय परिसर में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के प्राचार्य राजेंद्र नाथ महतो की उपस्थिति में आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम कुमारी, आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. मोनालीसा दास और डॉ. शैलेश कुमार ने विद्यार्थियों को आयुर्वेद के महत्व की जानकारी दी।
चिकित्सकों ने बच्चों को दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और स्वच्छ दिनचर्या स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
संतुलित आहार, योग और स्वच्छता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्राकृतिक एवं संतुलित आहार के महत्व के बारे में बताया गया। चिकित्सकों ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों का होना जरूरी है।
इसके साथ ही नियमित योग और प्राणायाम को मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया गया। बच्चों को स्वच्छता बनाए रखने और सही दिनचर्या अपनाने की सलाह दी गई, ताकि विभिन्न बीमारियों से बचाव किया जा सके।
विद्यालय परिसर में वनौषधियों का पौधारोपण
आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में अर्जुन और आंवला जैसे उपयोगी वनौषधीय पौधों का रोपण भी किया गया।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को औषधीय पौधों, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
सदर अस्पताल में नुक्कड़ सभा आयोजित
सदर अस्पताल सरायकेला में आम लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा के माध्यम से लोगों से निरोगी जीवन के लिए आयुर्वेद और स्वस्थ खानपान को अपनाने की अपील की गई।
लोगों को ताजे फल, हरी सब्जियां, दूध, मेवे, अंकुरित अनाज, दाल और शुद्ध घी जैसे खाद्य पदार्थों को संतुलित भोजन का हिस्सा बनाने की सलाह दी गई। वहीं, मैगी, पिज्जा और बर्गर जैसे अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से बचने का संदेश दिया गया।
आयुर्वेद औषधालय में निःशुल्क जांच और दवा की सुविधा
आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम कुमारी ने बताया कि सदर अस्पताल के पीछे आयुर्वेद औषधालय संचालित है। यहां आम लोगों के लिए निःशुल्क जांच और दवा उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श के लिए आयुर्वेद औषधालय पहुंचें।

