24 साल बाद FCIL सिंदरी के पूर्व कर्मचारियों को हाईकोर्ट से राहत, VSS मुआवजे पर बड़ा फैसला

24 साल बाद FCIL सिंदरी के पूर्व कर्मचारियों को हाईकोर्ट से राहत, VSS मुआवजे पर बड़ा फैसला

धनबाद/सिंदरी। फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (FCIL) की सिंदरी इकाई के पूर्व कर्मचारियों से जुड़े VSS मुआवजा और वेतन संशोधन के मामलों में लंबे समय बाद राहत की खबर सामने आई है। पूर्व कर्मचारियों के प्रतिनिधि एस.डी. चट्टराज ने प्रेस वार्ता कर झारखंड हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि करीब 24 वर्षों से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद अदालत का आदेश पूर्व कर्मचारियों के पक्ष में आया है। इसके तहत 30 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले और 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को VSS मुआवजे में समान लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

वर्ष 2002 में शुरू हुई थी कानूनी लड़ाई

एस.डी. चट्टराज के अनुसार, FCIL सिंदरी यूनिट के पूर्व कर्मचारियों के मुआवजे से जुड़ा मामला नवंबर 2002 में रांची हाईकोर्ट में दर्ज किया गया था। यह मामला W.P.(C) 6834 of 2002 के रूप में दर्ज हुआ था।

इसके बाद वर्ष 2008 में मुआवजे से संबंधित एक और मामला W.P.(S) 5554 of 2008 दायर किया गया। वहीं, वेज रिविजन से जुड़ा मामला W.P.(S) 1688 of 2015 भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहा।

पूर्व कर्मचारियों के अनुसार, इन मामलों को बाद में एक साथ टैग किया गया और 5 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रखा गया था।

30 साल से कम और अधिक सेवा वाले कर्मचारियों को समान लाभ

प्रेस वार्ता में बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद 30 वर्ष से कम सेवा करने वाले तथा 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके पूर्व कर्मचारियों को VSS मुआवजे में समान लाभ मिलने की स्थिति बनी है।

पूर्व कर्मचारियों ने इसे अपनी मुख्य मांगों में से एक बताया। उनका कहना है कि इस आदेश से लंबे समय से लंबित मुआवजे के विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

उन्होंने इसे पूर्व कर्मचारियों के स्वाभिमान और अधिकारों से जुड़ी 24 वर्षों की लड़ाई में बड़ी उपलब्धि बताया।

वेज रिविजन के बकाये के लिए प्रबंधन के पास दावा करने की छूट

वेतन संशोधन यानी वेज रिविजन से जुड़े मामले पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। प्रतिनिधियों के अनुसार, अदालत ने इस मांग के समाधान के लिए सक्षम प्राधिकारी अथवा FCIL प्रबंधन के समक्ष आवेदन देने की सलाह दी है।

इससे पूर्व कर्मचारी अब वेज रिविजन से संबंधित अपने दावे को प्रबंधन के समक्ष रख सकेंगे। यह मामला विशेष रूप से 1 जनवरी 1992, 1997 और 2002 से संबंधित वेतन संशोधन के बकाये से जुड़ा बताया गया है।

हालांकि, वास्तविक भुगतान और बकाया राशि का निर्धारण संबंधित आदेश, दावों और प्रबंधन की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

अधिकांश पूर्व कर्मचारियों को आर्थिक लाभ की उम्मीद

एस.डी. चट्टराज ने कहा कि VSS मुआवजे और वेज रिविजन के मामलों में आदेश आने के बाद अधिकांश पूर्व कर्मचारियों को बड़ी बकाया राशि मिलने की उम्मीद बनी है।

उन्होंने इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत वर्ष 2002 में करने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक मामले को आगे बढ़ाने में पूर्व कर्मचारियों और अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्रेस वार्ता में पूर्व कर्मचारी रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में एस.जे. सिंह, गोपाल सिंह, बीरेंद्र प्रसाद सिन्हा, एन.सी. मंडल, ए.डी. मंडल, रामजी राम, के.पी. यादव, एस.एन. ठाकुर, शैलेश सिंह, आर.एन. कुमार, आर.ए.पी. सिंह, जगत मांझी, विजय शॉ और रामचंद्र सहित अन्य पूर्व कर्मचारी उपस्थित थे।

पूर्व कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद VSS मुआवजे और वेज रिविजन से जुड़े लंबित मामलों में आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।

NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *