गिरिडीह में हाथियों के हमले में वृद्ध की मौत, घायल पत्नी धनबाद SNMMCH में भर्ती

गिरिडीह में हाथियों के हमले में वृद्ध की मौत, घायल पत्नी धनबाद SNMMCH में भर्ती

धनबाद। झारखंड के कई इलाकों में हाथियों का उत्पात लगातार ग्रामीणों के लिए परेशानी और दहशत का कारण बना हुआ है। ताजा मामला गिरिडीह जिले के पीरटांड़ क्षेत्र से सामने आया है, जहां मंगलवार की रात हाथियों के झुंड ने बुजुर्ग दंपती पर हमला कर दिया।

इस घटना में बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल वृद्ध महिला का इलाज धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घर लौट रहे बुजुर्ग दंपती पर हाथियों ने किया हमला

परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग दंपती मंगलवार रात अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया।

बताया गया कि हाथी ने बुजुर्ग व्यक्ति को सूंड से उठाकर पटक दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

वृद्ध महिला के पैर और कमर में गंभीर चोट

हमले में बुजुर्ग की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके पैर और कमर में चोट लगी है। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए धनबाद के SNMMCH अस्पताल लाया गया।

अस्पताल में घायल महिला का उपचार जारी है। परिजनों के अनुसार, फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन चोटों के कारण उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

परिजन ने बताई घटना की पूरी जानकारी

घायल महिला के नाती संतोष कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनके नाना-नानी घर जा रहे थे। इसी दौरान हाथियों के झुंड ने दोनों पर हमला कर दिया।

उन्होंने बताया कि हाथी ने उनके नाना को सूंड से पटक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, नानी के पैर और कमर में गंभीर चोट आई है।

घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत

हाथियों के हमले के बाद पीरटांड़ क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि हाथियों का झुंड दोबारा आबादी वाले इलाकों में पहुंच सकता है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हाथियों के लगातार विचरण से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

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