धनबाद। शहर के प्रमुख खेल मैदान गोल्फ ग्राउंड में मेला लगाने की चर्चा के विरोध में स्थानीय युवाओं, खिलाड़ियों और होमगार्ड एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों का एक प्रतिनिधिमंडल डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो से मिला और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
खिलाड़ियों का कहना है कि गोल्फ ग्राउंड शहर का प्रमुख मैदान है, जहां प्रतिदिन सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग वॉक करने पहुंचते हैं। इसके अलावा क्रिकेट, फुटबॉल, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और सरकारी बहाली की तैयारी करने वाले युवा भी यहां अभ्यास करते हैं।
खिलाड़ियों के अनुसार, यदि मैदान में मेला आयोजित किया जाता है तो नियमित खेल गतिविधियों पर इसका असर पड़ सकता है।
खिलाड़ियों ने कहा- शहर में मौजूद हैं दूसरे मैदान
प्रतिनिधिमंडल में शामिल निखिल कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष भी गोल्फ ग्राउंड में मेला लगाए जाने की बात सामने आई थी। उस समय इसे रोकने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनके अनुसार बाद में स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
खिलाड़ियों ने सवाल उठाया कि जब शहर में जिला परिषद मैदान, कोहिनूर मैदान और झारखंड मैदान जैसे अन्य मैदान उपलब्ध हैं, तो खेल गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण गोल्फ ग्राउंड को ही मेले के लिए क्यों चुना जा रहा है।
युवाओं का कहना है कि गोल्फ ग्राउंड का इस्तेमाल लंबे समय से खेल और शारीरिक अभ्यास के लिए किया जाता रहा है, इसलिए इसके उपयोग को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों की आपत्ति पर विचार किया जाना चाहिए।
जयराम महतो से मिले खिलाड़ी, अधिकारियों से बात करने का आश्वासन
खिलाड़ियों और स्थानीय युवाओं ने इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
विधायक जयराम महतो से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि विधायक ने उनकी बात सुनी और आश्वासन दिया कि यदि स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों को मेले के आयोजन से आपत्ति या परेशानी है, तो इसे लेकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
विधायक की ओर से इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने का आश्वासन मिलने की बात खिलाड़ियों ने कही है।
खिलाड़ियों ने गंदगी और चोट के खतरे को लेकर जताई चिंता
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि मेले के दौरान मैदान में टेंट, अस्थायी ढांचे और अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं। मेला समाप्त होने के बाद मैदान में कचरा और अन्य अवशेष रह जाने की आशंका रहती है।
खिलाड़ियों ने चिंता जताई कि टेंट लगाने के दौरान बचे नुकीले तार, कील या अन्य अवशेष मैदान में रह गए तो अभ्यास करने वाले बच्चों और खिलाड़ियों को चोट लग सकती है। इसके अलावा गंदगी के कारण भी खेल गतिविधियों में परेशानी हो सकती है।
उनका कहना है कि खेल मैदान को ऐसे आयोजनों से बचाना जरूरी है, ताकि युवाओं का नियमित अभ्यास प्रभावित न हो।
आश्वासन के बाद भी मेला लगा तो डीसी कार्यालय घेराव की चेतावनी
खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि वे गोल्फ ग्राउंड में मेला लगाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी आपत्ति के बावजूद मैदान में मेला आयोजित किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
युवाओं ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वे डीसी कार्यालय का घेराव करेंगे और प्रशासन से इस मामले में जवाब मांगेंगे। फिलहाल खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों की मांग है कि गोल्फ ग्राउंड को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाए और मेले के लिए अन्य उपलब्ध मैदानों पर विचार किया जाए।

