धनबाद। धनबाद जिला विद्युत, साउंड एंड डीजे डेकोरेटर्स संघ का 16वां वार्षिक अधिवेशन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डुमरी विधायक जयराम महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अधिवेशन में संघ से जुड़े व्यवसायियों और पदाधिकारियों ने संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से पहुंचे पदाधिकारी
अधिवेशन में झारखंड के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से संघ के पदाधिकारी पहुंचे। दुर्गापुर, आसनसोल, गया, डेहरी-ऑन-सोन, सासाराम, पटना, रांची और देवघर सहित कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दौरान व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं, प्रशासनिक नियमों और संघ की मांगों पर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि डीजे और साउंड व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान जरूरी है।
डीजे पर प्रशासनिक प्रतिबंध का मुद्दा उठा
अधिवेशन में डीजे और साउंड व्यवसाय पर प्रशासनिक प्रतिबंध को लेकर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन की ओर से अचानक नए नियम लागू किए जाने या डीजे पर प्रतिबंध लगाए जाने से व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है।
व्यवसायियों के अनुसार, शादी और अन्य आयोजनों के सीजन में पहले से बुकिंग की जाती है। ऐसे में अचानक प्रतिबंध लागू होने से बुकिंग और व्यवसाय दोनों प्रभावित होते हैं।
नया नियम लागू करने से पहले एक महीने की सूचना की मांग
संघ की ओर से मांग की गई कि डीजे या साउंड व्यवसाय को प्रभावित करने वाला कोई नया नियम अथवा प्रतिबंध लागू करने से कम से कम एक महीने पहले सूचना दी जाए।
संघ का कहना है कि इससे व्यवसायियों को पहले से अपनी बुकिंग और कार्यक्रमों की योजना बनाने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। खासकर शादी के सीजन में अचानक नियम बदलने से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।
प्रशासन से सकारात्मक आश्वासन मिलने की बात
अधिवेशन के दौरान व्यवसायियों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने और उनके समाधान को लेकर भी चर्चा हुई। संघ की ओर से बताया गया कि प्रशासन की तरफ से समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक आश्वासन मिला है।
इस आश्वासन के बाद डीजे, साउंड और डेकोरेशन व्यवसाय से जुड़े लोगों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है। अधिवेशन में व्यवसायियों ने संगठन की एकजुटता और अपनी समस्याओं को उचित मंच पर उठाने पर भी जोर दिया।

