नेपाल के नुवाकोट जिले के बेत्रावती इलाके में राहत और बचाव अभियान के दौरान हैरान करने वाली घटना सामने आई है। त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के करीब 11 दिन बाद एक महिला को मलबे के अंदर से जिंदा बाहर निकाला गया है।
महिला की पहचान बिदुर म्युनिसिपैलिटी-10 की रहने वाली चंदिका श्रेष्ठ के रूप में हुई है। उनकी उम्र करीब 55 से 56 साल बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, चंदिका श्रेष्ठ आनंद श्रेष्ठ के घर के अंदर मलबे में फंसी हुई थीं। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से घर का एक हिस्सा मिट्टी और मलबे में दब गया था। शनिवार को बचाव दल ने काफी मेहनत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घर के अंदर से सुनाई दी इंसानी आवाज
नुवाकोट के पुलिस अधिकारी बिपिन रेग्मी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि भूस्खलन से आधे दबे एक घर के अंदर से इंसानी आवाज सुनाई दे रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस और बचावकर्मी मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का काम शुरू किया। टीम ने काफी सावधानी से खुदाई की। मलबा हटाने के बाद चंदिका श्रेष्ठ जिंदा मिलीं।
महिला के जिंदा मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में राहत और खुशी का माहौल बन गया।
11 दिन बाद भी बोल पा रही थीं महिला
रेस्क्यू टीम के मुताबिक, चंदिका श्रेष्ठ को जब मलबे से बाहर निकाला गया, तब वह बोल पा रही थीं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
करीब 11 दिनों तक मलबे में फंसे रहने के बाद भी उनका जिंदा मिलना बेहद असाधारण घटना माना जा रहा है। बचाव अभियान में जुटे लोगों के लिए भी यह एक बड़ी राहत की खबर है।
भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई थी तबाही
कुछ दिन पहले त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में भारी बाढ़ और भूस्खलन ने काफी तबाही मचाई थी। बेत्रावती और आसपास के क्षेत्रों में कई घर और दूसरी इमारतें प्रभावित हुई थीं।
इस आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए थे। राहत और बचाव दल लगातार मलबे के बीच लोगों की तलाश कर रहे हैं।
चंदिका श्रेष्ठ के 11 दिन बाद जिंदा मिलने से उन परिवारों की उम्मीद भी बढ़ गई है, जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। बचाव दल प्रभावित इलाकों में मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश जारी रखे हुए है।

