विकास दिव्यकीर्ति ने आरक्षण और क्रीमी लेयर पर उठाए सवाल, बोले- जरूरतमंदों तक पहुंचे लाभ

विकास दिव्यकीर्ति ने आरक्षण और क्रीमी लेयर पर उठाए सवाल, बोले- जरूरतमंदों तक पहुंचे लाभ

नई दिल्ली। प्रसिद्ध शिक्षक और दृष्टि IAS के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने एक इंटरव्यू में आरक्षण व्यवस्था और क्रीमी लेयर को लेकर सुधार की जरूरत पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने आरक्षण के लाभ को समाज के वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

संपन्न परिवारों को बार-बार लाभ मिलने पर उठाया सवाल

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने कहा था कि वह ऐसे कई लोगों को जानते हैं, जिनके माता-पिता IAS अधिकारी रह चुके हैं, लेकिन उनके बच्चे भी आरक्षण का लाभ छोड़ना नहीं चाहते।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब आरक्षित सीटों की संख्या सीमित होती है, तो पहले से सक्षम और संपन्न परिवारों के बच्चों को बार-बार आरक्षण का लाभ मिलने से उसी समुदाय के गरीब और वंचित छात्रों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।

दूरदराज के छात्रों तक पहुंचे आरक्षण का लाभ

उन्होंने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य पूरे समुदाय को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा में लाना है। उनके अनुसार, इसका मकसद किसी एक समुदाय के कुछ संपन्न परिवारों को बार-बार लाभ पहुंचाना नहीं होना चाहिए।

डॉ. दिव्यकीर्ति ने इस बात पर जोर दिया कि आरक्षण की व्यवस्था इस तरह लागू होनी चाहिए कि समाज की निचली कतार में मौजूद जरूरतमंद छात्रों को भी आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

वैज्ञानिक और समावेशी सुधार की जरूरत

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने आरक्षण के क्रियान्वयन में वैज्ञानिक और अधिक समावेशी सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि व्यवस्था में ऐसे बदलाव होने चाहिए, जिससे आरक्षण का वास्तविक लाभ उन लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।

उनकी यह टिप्पणी आरक्षण व्यवस्था, क्रीमी लेयर और सामाजिक न्याय को लेकर जारी बहस के संदर्भ में सामने आई है।

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