पटना। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और आरक्षण के भीतर वर्गीकरण की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ लेने वाले कुछ वर्गों के लोग काफी आगे बढ़ चुके हैं, जबकि उसी व्यवस्था के तहत कई लोग अब भी पीछे रह गए हैं। ऐसे लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
आरक्षण की समीक्षा की जरूरत पर जोर
जीतन राम मांझी ने कहा कि समय के साथ आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत है। उनके मुताबिक, आरक्षण का लाभ पाने वाले कुछ वर्गों में ऐसे परिवार भी हैं, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी आगे बढ़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग अभी भी पीछे हैं, उन्हें आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है।
कोटे के भीतर भी बंटवारे की बात
केंद्रीय मंत्री ने आरक्षण के कोटे के भीतर भी वर्गीकरण किए जाने की बात कही। उनका कहना है कि इससे आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचाया जा सकता है, जो अब तक इसका अपेक्षित लाभ नहीं ले पाए हैं।
उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसके लाभ के वितरण पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
पीछे रह गए लोगों को मिले अवसर
जीतन राम मांझी के अनुसार, आरक्षण का उद्देश्य उन लोगों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पीछे हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका लाभ समाज के उन वर्गों तक भी पहुंचे, जो अब तक पर्याप्त रूप से लाभान्वित नहीं हो पाए हैं।
उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में संतुलन और अवसरों के बेहतर वितरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
आरक्षण पर फिर तेज हो सकती है बहस
जीतन राम मांझी का यह बयान आरक्षण व्यवस्था में सुधार, समीक्षा और वर्गीकरण को लेकर चल रही बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरक्षण के भीतर वर्गीकरण का मुद्दा लंबे समय से सामाजिक न्याय और समान अवसर के संदर्भ में चर्चा का विषय रहा है।
मांझी ने अपने बयान के जरिए आरक्षण के लाभ को अधिक व्यापक और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

