बीजेपी सांसद मनोज तिवारी सोमवार, 17 अगस्त 2026 को भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद मनोज तिवारी ने भरत के पिता, मां, भाई और परिवार के दूसरे सदस्यों से भी मुलाकात की। इस दौरान भरत तिवारी की बहन रूबी देवी ने उनसे न्याय की मांग की।
रूबी देवी ने मनोज तिवारी को राखी भी बांधी। राखी बांधते हुए उन्होंने कहा कि जिस दिन उनके भाई को न्याय मिलेगा, उस दिन उन्हें लगेगा कि उनका भाई उन्हें वापस मिल गया है।
इस दौरान परिवार ने भरत तिवारी के मामले में जल्द न्याय दिलाने की मांग की।
क्या बोले मनोज तिवारी?
परिजनों से मुलाकात के बाद मनोज तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी और उनके परिवार के साथ जो घटना हुई, उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि वह परिवार की बातों को सुनने और उनकी मांगों को समझने के लिए बिलौटी पहुंचे हैं. परिवार की जो भी उचित मांगें हैं, उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने रखा जाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि वे घटना के बाद से ही परिवार के संपर्क में हैं. भरत तिवारी की मां से उनकी मुलाकात दिल्ली में भी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत है कि मुख्यमंत्री से परिवार की मुलाकात कराने के समय ही उनकी पहली मुलाकात हुई थी.
मनोज तिवारी के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले भी परिवार के लोगों से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने इन मुलाकातों को सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि उनका मानना था कि केवल मीडिया में बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने स्थानीय नेताओं और परिवार से बातचीत के बाद पूरे मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखा था. इसके बाद मुख्यमंत्री ने परिवार को बुलाकर उनकी बातें सुनीं और मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी.
केस में राहत दिलाने का करेंगे प्रयास
ग्रामीणों और भरत तिवारी के परिजनों ने गांव के कई लोगों पर दर्ज मामलों का मुद्दा भी मनोज तिवारी के सामने उठाया. बताया गया कि घटना के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के मामले में करीब 14 लोगों के नाम से केस दर्ज है, जबकि करीब 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. इस पर मनोज तिवारी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को इस संबंध में रिपोर्ट देंगे और जिन लोगों पर केवल विरोध या प्रतिक्रिया के कारण कार्रवाई हुई है, उनके मामलों में राहत दिलाने का प्रयास करेंगे.
मनोज तिवारी ने कहा कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई चल रही है. उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है. कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया, कुछ पर एफआईआर हुई और एक पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी भी हुई है.
मनोज तिवारी ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति से हथियार फेंक दिया गया हो और उसके बाद उसे गोली मार दी जाए तो यह सरासर अन्याय है. उन्होंने कहा कि इसी आधार पर न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाई जा रही है.

