चीनी हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है। चाय से लेकर मिठाई तक, इसका इस्तेमाल हर दिन होता है। लेकिन त्योहारों के सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने लोगों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 जुलाई 2026 को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 47.82 रुपये प्रति किलो थी। करीब एक महीने बाद 19 अगस्त को यह बढ़कर 54.06 रुपये प्रति किलो हो गई। यानी कीमत में करीब 6 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
कई जगह 65 रुपये किलो तक पहुंची कीमत
मई के बाद से चीनी के दाम धीरे-धीरे बढ़ रहे थे, लेकिन पिछले 15 दिनों में तेजी ज्यादा देखने को मिली है। देश के कई बाजारों में खुदरा कीमतें करीब 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई हैं।
कई जगह चीनी 58 से 65 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं, थोक बाजार में इसके दाम करीब 5,400 से 5,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?
चीनी की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह मौजूदा स्टॉक को बताया जा रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक मौजूदा शुगर सीजन खत्म होने पर देश में करीब 30 से 35 लाख टन चीनी का स्टॉक बच सकता है।
आशंका है कि यह स्टॉक नए सीजन की शुरुआत के बाद अगले दो महीनों की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इसी वजह से बाजार में चीनी की कीमतों को लेकर दबाव बढ़ा है।
सरकार ने उठाया कदम
बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने चीनी के स्टॉक की सीमा भी तय की है। हालांकि, इसके बावजूद बाजार में कीमतों पर अभी तक खास नियंत्रण देखने को नहीं मिला है।
अगर कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले त्योहारों के दौरान आम लोगों को चीनी खरीदने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

