काजूबागान पर मंडराया भू-धंसान का खतरा, BCCL ने जारी की चेतावनी; लोगों से इलाका खाली करने की अपील

काजूबागान पर मंडराया भू-धंसान का खतरा, BCCL ने जारी की चेतावनी; लोगों से इलाका खाली करने की अपील

धनबाद। न्यू आकाशकिनारी कोलियरी क्षेत्र के काजूबागान (हड़हटिया) में भू-धंसान के संभावित खतरे को देखते हुए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। 19 अगस्त 2026 को BCCL के परियोजना पदाधिकारी कार्यालय से जारी सूचना में क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील और भू-धंसाव प्रभावित बताया गया है।

BCCL ने तत्काल इलाका खाली करने को कहा

जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित भूमि BCCL के अधीन है और क्षेत्र में कभी भी भू-धंसाव या अन्य अप्रिय घटना होने की आशंका है। इसे देखते हुए क्षेत्र में रह रहे लोगों और परिवारों से तत्काल स्थान खाली करने का अनुरोध किया गया है।

BCCL की चेतावनी के बाद काजूबागान और आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कंपनी की ओर से लोगों को संभावित खतरे को गंभीरता से लेने की अपील की गई है।

पुनर्वास और मुआवजे का भरोसा

नोटिस में प्रभावित परिवारों से विस्थापन एवं पुनर्वास प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा गया है। BCCL के अनुसार, दस्तावेज जमा करने के बाद नियमानुसार पात्र लोगों को संबंधित सुविधाएं और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने के साथ-साथ पुनर्वास प्रक्रिया पूरी कराने की चुनौती भी है।

न्यू आकाशकिनारी क्षेत्र में पहले से सुरक्षा चिंता

न्यू आकाशकिनारी कोलियरी क्षेत्र में भू-धंसाव को लेकर पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। इसी बीच DGMS के निर्देश के बाद न्यू आकाशकिनारी कोलियरी में नियंत्रित डीप-होल ब्लास्टिंग की अनुमति वापस लिए जाने की खबर भी सामने आई थी।

अब काजूबागान को लेकर BCCL की ताजा चेतावनी ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चर्चा और तेज कर दी है।

पुनर्वास को लेकर उठ रहे सवाल

BCCL की ओर से क्षेत्र खाली करने की अपील के बाद स्थानीय परिवारों के बीच पुनर्वास को लेकर कई सवाल हैं। प्रभावित लोगों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर कब तक बसाया जाएगा और पात्र परिवारों को मुआवजा एवं पुनर्वास की सुविधा किस प्रक्रिया के तहत मिलेगी।

फिलहाल BCCL की चेतावनी का मुख्य उद्देश्य संभावित भू-धंसाव के खतरे से लोगों को सुरक्षित रखना और प्रभावित परिवारों को विस्थापन एवं पुनर्वास प्रक्रिया से जोड़ना है।

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