अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। सभी उम्मीदवारों के अंतिम इंटरव्यू पूरे हो चुके हैं।
अब सर्च कमेटी 16 उम्मीदवारों में से 3 नामों का पैनल तैयार करेगी। यह पैनल ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपा जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट तीनों नामों पर विचार करके एक उम्मीदवार का चयन करेगा।
2 सितंबर को हो सकता है ऐलान
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 2 सितंबर को होनी है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में राम मंदिर के पहले CEO के नाम की घोषणा हो सकती है।
अंतिम सूची में सेना के पूर्व अधिकारी, रिटायर्ड IAS-IPS अधिकारी और सरकारी व निजी संस्थानों में बड़े पदों पर काम कर चुके अनुभवी लोग शामिल हैं।
अब 16 उम्मीदवारों की दौड़ जल्द ही घटकर सिर्फ 3 नामों तक रह जाएगी और इन्हीं में से एक को राम मंदिर का पहला CEO चुना जाएगा।
सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। न्यायपालिका, रक्षा और वैज्ञानिक क्षेत्र के अनुभव वाले इन सदस्यों ने अंतिम साक्षात्कार में उम्मीदवारों की प्रशासनिक दक्षता के साथ नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच, तकनीकी समझ और संस्थागत दृष्टिकोण को परखा।
सर्च कमेटी के अनुसार सभी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय अनुभव और उपलब्धियां रखते हैं। अब चुनौती इन 16 में से ऐसे तीन नाम चुनने की है, जो राम मंदिर जैसी विशाल धार्मिक संस्था की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्था को संभालने के लिए सबसे उपयुक्त माने जाएं।
