रांची: झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भाजपा विधायकों के प्रदर्शन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के सामने किया गया प्रदर्शन सामान्य राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि इससे मुख्यमंत्री की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ। मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन को लेकर उठाए सवाल
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही छोड़कर मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना दिया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली किसी भी गतिविधि को सामान्य प्रदर्शन नहीं माना जा सकता।
मंत्री ने आशंका जताई कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई व्यक्ति सुरक्षा घेरे को पार कर मुख्यमंत्री आवास के अंदर पहुंच जाता तो गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी मंशा की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की आपराधिक मंशा सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
युवाओं के आंदोलन पर सरकार का पक्ष
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर गंभीर है। उन्होंने दावा किया कि सरकार छात्रों की मांगों पर विचार कर रही है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है।
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने संयम के साथ स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उनके मुताबिक, आंदोलनकारी कई सुरक्षा बैरियर पार कर आगे बढ़े, इसके बावजूद सरकार ने युवाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की।
मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के खिलाफ लाठी या गोली के इस्तेमाल की नीति में विश्वास नहीं करती। उनका कहना था कि बातचीत और आपसी सहमति के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए।
भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं के आवासों पर बड़ी संख्या में लोगों को रखा गया था, ताकि वे छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर माहौल को प्रभावित कर सकें।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मंत्री ने भाजपा नेताओं से आंदोलन को राजनीतिक रूप देने से बचने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक टकराव का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष से जांच की मांग
मंत्री इरफान अंसारी ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास और संवैधानिक पदों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जांच के बाद यदि किसी व्यक्ति की मंशा कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने या किसी गंभीर अपराध से जुड़ी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि सरकार युवाओं की मांगों को लेकर बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती है और राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
नोट: खबर में शामिल गंभीर आरोप संबंधित मंत्री के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

