रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। छात्रों के आंदोलन और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार जारी गतिरोध के बीच संसदीय कार्यमंत्री के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की।
स्पीकर ने कहा कि भारी मन से उन्हें सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार 14वीं JPSC PT, 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के लिए तैयार है।
छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही के दौरान छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब भर्ती परीक्षाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट कर रहे थे, उस दौरान भाजपा विधायक वेल में पहुंचकर नारेबाजी करते रहे।
हंगामे के बावजूद मुख्यमंत्री ने करीब 15 मिनट तक सदन में सरकार का पक्ष रखा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर अपनी बात रखी।
सीपी सिंह के बयान के बाद सदन में हंगामा
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भाजपा विधायक सीपी सिंह ने सरकार पर तंज कसा। उनके द्वारा राहुल गांधी के सरकार से समर्थन वापस लेने संबंधी टिप्पणी किए जाने के बाद सत्ता पक्ष की ओर से विरोध शुरू हो गया।
इसके बाद भाजपा विधायक भी वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। दोनों पक्षों के बीच हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
परीक्षा गड़बड़ी को लेकर कंपनी पर मुख्यमंत्री का आरोप
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर टीडीपीएल नामक कंपनी का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कंपनी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की है और आरोप लगाया कि इसी माध्यम से झारखंड के युवाओं को दिग्भ्रमित करने की कोशिश की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
JPSC-JSSC में सुधार को लेकर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट है। उनके अनुसार, सरकार की ओर से दिए गए सुधार संबंधी सुझावों पर आंदोलन कर रहे छात्र भी सहमत हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को बेहतर बनाना और युवाओं के हितों की रक्षा करना है।
नोटों का बंडल लहराने पर सदन में विवाद
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान विपक्ष की ओर से लगातार नारेबाजी की गई। इसी दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह ने 500 रुपये के नोटों का बंडल लहराया और सरकार पर नौकरी के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया।
इस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए भाजपा पर लोकतंत्र को पैसे के बल पर प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन में इस तरह नोटों का प्रदर्शन करना विधानसभा की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी और हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना
हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कवि हूबनाथ पांडेय की कविता की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया। इसके बाद सदन में जारी गतिरोध के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

