रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार, 6 अगस्त से शुरू हो रहा है। 12 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में महागठबंधन के मंत्रियों और विधायकों की रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार की प्राथमिकताओं और सदन की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ बनाई रणनीति
मानसून सत्र से पहले रांची स्थित डॉ. श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में महागठबंधन की बैठक हुई। बैठक में मंत्रियों और विधायकों ने विधानसभा में उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों, विकास कार्यों और सरकार की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक के दौरान लगातार हो रही बारिश के बीच मुख्यमंत्री और मंत्री छाता लेकर पहुंचे, जिसकी तस्वीरें भी चर्चा का विषय रहीं।
7 अगस्त को पेश होगा पहला अनुपूरक बजट
विधानसभा के कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन शोक प्रस्ताव और सामान्य कार्य होंगे। 7 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी।
10 अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद विनियोग विधेयक पारित कराया जाएगा। वहीं 11 और 12 अगस्त को प्रश्नकाल के साथ राजकीय विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों का निपटारा किया जाएगा। शनिवार और रविवार (8 एवं 9 अगस्त) को अवकाश रहेगा।
छात्र आंदोलन और सुखाड़ बन सकते हैं प्रमुख मुद्दे
इस बार मानसून सत्र में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन का मुद्दा प्रमुख रहने की संभावना है। विपक्ष इन विषयों पर विशेष चर्चा की मांग कर रहा है।
वहीं सत्ता पक्ष राज्य में संभावित सुखाड़, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सदन में उठाने की तैयारी में है। किन विषयों पर विशेष चर्चा होगी, इसका अंतिम निर्णय कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लिया जाएगा।
सरकार ने विकास और जवाबदेही पर जताया भरोसा
बैठक के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही के एजेंडे के साथ सदन में जाएगी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा के लिए तैयार है और राज्य के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

