रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने कार्रवाई तेज करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। सीआईडी ने बताया कि यह कार्रवाई जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई है और मामले की जांच अभी भी जारी है।
रांची और लखनऊ में संयुक्त छापेमारी
सीआईडी के अनुसार थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में संयुक्त छापेमारी की गई। इस दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में लोहरदगा निवासी उमाकांत उरांव, रांची निवासी रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, धर्मेंद्र कुमार तथा लखनऊ निवासी रक्षक सिंह शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने का आरोप
सीआईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उमाकांत उरांव पर 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का उपयोग कर सफल होने के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों के लिए एजेंट के रूप में कार्य करने का आरोप है।
वहीं रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित धोखाधड़ी और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से परीक्षा पास करने का आरोप लगाया गया है। इन सभी आरोपों की जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है।
परीक्षा संचालन से जुड़े कर्मचारी पर भी कार्रवाई
सीआईडी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रक्षक सिंह परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी TDPL में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं और अनुचित साधनों के उपयोग से जुड़े मामले में संलिप्त रहा है।
अधिकारियों के अनुसार इस पूरे प्रकरण में तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि कथित अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
डिजिटल साक्ष्य मिले, जांच जारी
सीआईडी ने छापेमारी के दौरान कई डिजिटल और अभिलेखीय साक्ष्य भी जब्त किए हैं। एजेंसी का कहना है कि बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

