धनबाद: जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच कतरास थाना क्षेत्र के सेलेक्टेड गोविंदपुर में मंगलवार को भू-धंसान की घटना सामने आई। अचानक जमीन धंसने से करीब छह मकान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
अचानक धंसी जमीन, घरों के साथ सामान भी हुआ क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय कई लोग अपने घरों में मौजूद थे। अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंसने लगी, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। घरों में रखा घरेलू सामान और एक मोटरसाइकिल भी मलबे की चपेट में आ गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में पहले से ही खतरे की स्थिति बनी हुई थी। घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों की मदद में जुट गए।
प्रशासन और बीसीसीएल की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। बाघमारा अंचलाधिकारी गिरिजानंद किस्कू ने बताया कि भू-धंसान में छह मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए बीसीसीएल के सहयोग से बेलगढ़िया पुनर्वास कॉलोनी में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बारिश के मौसम को देखते हुए विशेष तैयारी
अंचलाधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के दौरान भू-धंसान की घटनाओं की आशंका को देखते हुए बीसीसीएल को विभिन्न क्षेत्रों में पहले से ही 20-20 आवास चिन्हित रखने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है।
प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में जमीन धंसने जैसी आशंका दिखाई दे तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
लोगों में बढ़ी चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। एक पीड़ित महिला ने बताया कि वह घर में काम कर रही थीं, तभी तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद परिवार के लोग तुरंत बाहर निकल आए और देखते ही देखते मकान जमीन में धंस गया। उन्होंने बताया कि आसपास के कई अन्य घर भी इस घटना से प्रभावित हुए हैं।
लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं ने कोयलांचल क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग स्थायी समाधान और सुरक्षित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

