पलामू: जिले के पांकी थाना क्षेत्र में दो आदिवासी नाबालिग लड़कियों के कथित अपहरण के मामले को लेकर विरोध तेज हो गया है। मंगलवार देर शाम स्थानीय लोगों ने पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकालकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और न्याय दिलाने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
न्याय की मांग को लेकर निकला कैंडल मार्च
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर पीड़ित परिवार के प्रति एकजुटता जताई। लोगों ने मांग की कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिले।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
दोनों नाबालिगों की हो चुकी है बरामदगी
जानकारी के अनुसार, पांकी थाना क्षेत्र से दो आदिवासी नाबालिग लड़कियों के कथित अपहरण की घटना सामने आई थी। बाद में दोनों लड़कियों को बरामद कर लिया गया। हालांकि, आंदोलन कर रहे लोगों का कहना है कि मामले में आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन और न्याय की मांग तेज हो गई है।
विधायक ने कार्रवाई में तेजी लाने की मांग की
कैंडल मार्च के दौरान विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता ने कहा कि जनदबाव के बाद दोनों नाबालिग लड़कियों की बरामदगी संभव हो सकी, लेकिन मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित पक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और मामले में विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाए। विधायक ने मांग की कि संबंधित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाए।
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई और जांच के परिणाम पर टिकी हैं।

