धनबाद: आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति 80% से कम नहीं हो, डीडीसी के सख्त निर्देश

धनबाद: आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति 80% से कम नहीं हो, डीडीसी के सख्त निर्देश

धनबाद: उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सन्नी राज की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप सहित जिले के सभी परियोजना क्षेत्रों की लेडी सुपरवाइजर (एलएस) मौजूद रहीं।

बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

पोषण ट्रैकर और बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा

बैठक के दौरान पोषण ट्रैकर, बच्चों की उपस्थिति, मॉर्निंग स्नैक्स, हॉट कुक्ड मील, मॉड्यूलर आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण समेत कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

डीडीसी ने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति 80 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही प्रत्येक पात्र बच्चे को नियमित रूप से पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए।

उपस्थिति और पोषण आहार में नहीं होना चाहिए अंतर

सन्नी राज ने कहा कि जितने बच्चों की उपस्थिति दर्ज हो, उसी के अनुरूप मॉर्निंग स्नैक्स और पोषण आहार का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बच्चों की उपस्थिति और मॉर्निंग स्नैक्स वितरण में अधिक अंतर पाया गया तो संबंधित लेडी सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वेतन से राशि की कटौती भी की जा सकती है।

पोषण आहार रोकने पर होगी कार्रवाई

डीडीसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी आंगनवाड़ी सेविका को किसी पात्र लाभार्थी का पोषण आहार रोकने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी केंद्र से ऐसी शिकायत मिलती है तो संबंधित लेडी सुपरवाइजर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी।

मॉड्यूलर आंगनवाड़ी भवनों की गुणवत्ता पर जोर

बैठक में जिले में निर्माणाधीन मॉड्यूलर आंगनवाड़ी केंद्रों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीडीसी ने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने तथा गुणवत्ता और बच्चों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए समय पर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा सभी केंद्रों में मॉर्निंग स्नैक्स और हॉट कुक्ड मील के लाभार्थियों की संख्या में समानता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।

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