धनबाद: धनबाद नगर निगम ने भवन वाद संख्या-05/2025 में असर्फी हॉस्पिटल के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए भवन नक्शा विचलन, अनधिकृत निर्माण और पार्किंग नियमों के उल्लंघन के मामले में विस्तृत आदेश जारी किया है। संयुक्त निरीक्षण, पुनः मापन और सभी पक्षों की सुनवाई के बाद निगम ने अस्पताल प्रबंधन को 3 करोड़ 27 लाख 64 हजार 750 रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।
जांच में मिली अनधिकृत निर्माण और नियम उल्लंघन की पुष्टिनगर निगम की जांच में स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण, अतिरिक्त तल एवं क्षेत्रफल में अनधिकृत निर्माण, स्वीकृत पार्किंग व्यवस्था का उल्लंघन तथा झारखंड भवन उपविधि, 2016 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि होने की बात कही गई है। आदेश के तहत 1335.30 वर्गमीटर असमायोज्य अनधिकृत निर्माण को निर्धारित समय सीमा के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है।
पार्किंग और फायर सेफ्टी मानकों का पालन करने का निर्देशनगर निगम ने अस्पताल प्रबंधन को स्वीकृत पार्किंग व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ भवन की ऊंचाई 15 मीटर से अधिक होने के कारण आवश्यक फायर सेफ्टी एनओसी प्राप्त कर सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
निगम ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया तो भवन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण, सीलिंग, बकाया राशि की वसूली सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।निगम ने अन्य संस्थानों को भी दी चेतावनी
नगर निगम ने शहर के सभी भवन स्वामियों, अस्पतालों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 एवं झारखंड भवन उपविधि, 2016 का पूर्ण पालन करने की अपील की है। निगम ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण, स्वीकृत योजना से विचलन, पार्किंग और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा- आदेश के खिलाफ करेंगे अपीलवहीं, असर्फी हॉस्पिटल के मालिक हरेंद्र सिंह ने कहा कि अस्पताल का भवन नगर निगम के वर्तमान बायलॉज लागू होने से पहले निर्मित है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई त्रुटि है तो उसका आवश्यक सुधार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एसेसमेंट और जुर्माना त्रुटिपूर्ण है। अस्पताल प्रबंधन पहले नगर निगम के समक्ष अपील करेगा और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण भी लेगा।

