पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, एनटीए के 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया गया है। सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह कार्रवाई पेपर लीक मामले को लेकर की गई है। जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में इस केस में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
NTA के 47 अधिकारी किए गए बर्खास्त
सूत्रों के मुताबिक, NTA ने 47 अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया है। इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
पेपर लीक को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच NTA में अधिकारियों को बर्खास्त करना बड़े बदलावों का हिस्सा है। ये एजेंसी पेपर लीक के मामलों को लेकर विवादों में रही है।
NEET-UG पेपर पर NTA ने ही कराया था। नीट पेपर लीक होने के बाद सरकार ने यह बड़ा एक्शन लिया है। वहीं सरकार के तरफ से कहा गया है कि पेपर लीक को लेकर अभी और भी बड़े फैसले लिए जाएंगे।
नीट पेपर लीक के बाद देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र भी प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों के प्रदर्शन के बीच NTA पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है
देशभर में चल रहे प्रदर्शन के बीच आज गुरुवार, 24 जुलाई को कैबिनेट बैठक ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रविधान रखे गए हैं। अगर ये बिल, कानून बन जाता है तो पेपर लीक के मामले में दोषियों को 10 की जेल की सजा होगी और 10 करोड़ का जुर्माना भी भरना होगा।

