NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव किया है। वरिष्ठ IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) का नया सचिव बनाया गया है। नरेश पाल गंगवार, विनीत जोशी की जगह लेंगे। वहीं, विनीत जोशी को सचिव स्तर के फेरबदल के तहत पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया है।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार?
नरेश पाल गंगवार राजस्थान कैडर के 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 1993 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। नई जिम्मेदारी मिलने से पहले वह मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे।
करीब 30 साल के प्रशासनिक अनुभव वाले नरेश पाल गंगवार ने राज्य और केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। राजस्थान सरकार में वह कई विभागों के प्रमुख सचिव रह चुके हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में भी संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के तौर पर काम कर चुके हैं। अब उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कहां से हुई नरेश पाल गंगवार ने पढ़ाई?
नरेश पाल गंगवार की एजुकेशनल क्वालीफिकेशन काफी मजबूत मानी जाती है. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक के बाद आईआईटी दिल्ली से कम्युनिकेशन एंड रडार इंजीनियरिंग में एमटेक की डिग्री हासिल की. तकनीकी शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में एमए भी किया.
अब क्या होगी जिम्मेदारियां?
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के रूप में नरेश पाल गंगवार देश की उच्च शिक्षा से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनके कार्य क्षेत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईटी, एनआईटी, यूजीसी, तकनीकी शिक्षण संस्थान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े कई बड़े फैसले होंगे. इसके अलावा मौजूदा समय में शिक्षा मंत्रालय के सामने परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बहाल करना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
आईएएस सचिव की कितनी होती है सैलरी?
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के रूप में नरेश पाल गंगवार को भारत सरकार के सचिव स्तर का वेतन मिलेगा. सातवें वेतन आयोग के अनुसार भारत सरकार के सचिव का मूल वेतन 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह तक होता है. इसके अलावा उन्हें महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता, सरकारी आवास, आधिकारिक वाहन, ड्राइवर, स्टाफ और दूसरी सरकारी सुविधाएं भी मिलती है.

