मनईटांड़ में परिवार ने पुस्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश का लगाया आरोप, प्रशासन से न्याय की मांग

मनईटांड़ में परिवार ने पुस्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश का लगाया आरोप, प्रशासन से न्याय की मांग

धनबाद: धनबाद के मनईटांड़ चिल्ड्रन पार्क क्षेत्र में पुस्तैनी जमीन को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी मोहम्मद असलम और उनके परिवार ने कुछ लोगों पर उनकी पुस्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। परिवार ने जमीन के समीप प्रेस वार्ता कर जिला प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की।

जमीन की मापी कराने का लगाया आरोप

मोहम्मद असलम ने आरोप लगाया कि बिपिन राव सहित कुछ लोग उनकी पुस्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार संबंधित लोग गुरुवार को भी जमीन की मापी कराने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जमीन पर तोड़फोड़ की घटना हो चुकी है, जिसकी शिकायत उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) और धनसार थाना में की जा चुकी है।

न्यायालय के फैसले का दिया हवाला

परिवार का दावा है कि वर्ष 1991 में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया था। मामला न्यायालय पहुंचा, जहां वर्ष 2007 में उनके पक्ष में डिक्री पारित हुई। इसके बावजूद वर्ष 2010 में दोबारा याचिका दायर कर उन्हें परेशान करने का प्रयास किया गया। परिवार का आरोप है कि लगातार दबाव बनाकर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है।

पुस्तैनी भूमि होने का दावा

परिवार के अनुसार विवाद मौजा मनईटांड़, थाना धनसार स्थित प्लॉट संख्या 79 (13 डिसमिल) और प्लॉट संख्या 80 (20 डिसमिल) से जुड़ा है। उनका कहना है कि इस भूमि पर उनके पूर्वज कई दशकों से निवास और खेती करते रहे हैं तथा न्यायालय भी उनके अधिकार को स्वीकार कर चुका है। इसके बावजूद उन्हें कथित रूप से धमकाया जा रहा है और रंगदारी की मांग की जा रही है।

तोड़फोड़ और आगजनी का भी आरोप

परिवार ने आरोप लगाया कि 11 जून को उनकी जमीन पर बनी संरचनाओं में तोड़फोड़ और आगजनी की गई, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस संबंध में धनसार थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक आरोपित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी पुस्तैनी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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