धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी वर्ष (1926–2026) समारोह के तहत इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित आईईईई पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सोसाइटी (IEEE PELS) प्रायोजित पांच दिवसीय पीएचडी समर स्कूल-2026 का सोमवार को शुभारंभ हुआ। “पावर कन्वर्टर डिजाइन, डिजिटल कंट्रोल एंड बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम्स” विषय पर आधारित यह कार्यक्रम 13 से 17 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के पीएचडी शोधार्थी, शिक्षक, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. डी.सी. पाणिग्रही, प्रबंध निदेशक, पीएमआरसी प्राइवेट लिमिटेड एवं पूर्व निदेशक, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद रहे। कार्यक्रम में संस्थान के उपनिदेशक प्रो. शरत कुमार दास, प्रो. संजय मंडल तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. के.सी. जाना भी उपस्थित रहे। समर स्कूल के संयोजक प्रो. आनंद शंकर हाती ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि इसका उद्देश्य शोधार्थियों को आधुनिक पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल कंट्रोल तथा बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना है।
शोध को समाज और उद्योग से जोड़ने पर जोर
मुख्य अतिथि प्रो. डी.सी. पाणिग्रही ने अपने संबोधन में थॉमस एडिसन और निकोला टेस्ला के जीवन से प्रेरक उदाहरण साझा करते हुए कहा कि शोधकर्ताओं को नए विचारों और नवाचारों के प्रति हमेशा खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएचडी शोधार्थी किसी भी संस्थान की प्रगति की आधारशिला होते हैं और उनका शोध केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित न रहकर उद्योग और समाज की समस्याओं के समाधान में भी योगदान देना चाहिए।
उपनिदेशक प्रो. शरत कुमार दास ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सतत विकास के वर्तमान दौर में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने प्रतिभागियों से समर स्कूल के सभी तकनीकी व्याख्यानों और प्रयोगात्मक सत्रों का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।
आधुनिक तकनीकों पर मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
पांच दिवसीय समर स्कूल के दौरान प्रतिभागियों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान सुनने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, पावर कन्वर्टर हार्डवेयर, डिजिटल कंट्रोल, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, रिसर्च स्कॉलर प्रेजेंटेशन तथा IEEE Women in Engineering (WiE) विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रतिभागियों को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में विकसित आधुनिक पावर इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर एवं प्रयोगात्मक सुविधाओं का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा, जिससे उनके शोध कार्य को नई दिशा मिल सके।
नवाचार और शोध को मिलेगी नई गति
कार्यक्रम के अंत में सह-संयोजक प्रो. अशोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों, आयोजन समिति एवं सहयोगी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समर स्कूल प्रतिभागियों के शोध कौशल को सशक्त बनाने के साथ-साथ पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में नवाचार को भी नई गति प्रदान करेगा।

