निरसा: निरसा में निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में निरसा नागरिक समिति ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण कंपनी पर सरकारी प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। समिति ने दावा किया कि परियोजना का कार्य बिना विधिवत शिलान्यास और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए शुरू कर दिया गया।
समिति ने जताई नाराजगी
प्रेसवार्ता में निरसा नागरिक समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि एलिवेटेड ब्रिज निर्माण कार्य शुरू होने के बावजूद NHAI की ओर से समिति को न तो शिलान्यास कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया और न ही उद्घाटन संबंधी किसी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
समिति का कहना है कि वर्ष 2012 में निरसा की यातायात समस्या को देखते हुए सबसे पहले इसी संगठन ने एलिवेटेड ब्रिज की मांग उठाई थी। इसके लिए विभिन्न विभागों, जनप्रतिनिधियों और केंद्र सरकार तक मांग पत्र भेजे गए थे। समिति ने दावा किया कि इस परियोजना को धरातल पर लाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
विधिवत शिलान्यास की मांग
निरसा नागरिक समिति ने मांग की कि एलिवेटेड ब्रिज का विधिवत शिलान्यास सरकारी नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार कराया जाए। समिति का कहना है कि इस कार्यक्रम में सांसद, विधायक, संबंधित अधिकारी और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना चाहिए।
श्रेय की राजनीति से किया इनकार
सांसद और विधायक के बीच परियोजना के श्रेय को लेकर पूछे गए सवाल पर समिति के सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका केवल यह कहना है कि इस योजना की शुरुआत और इसके लिए लगातार प्रयास निरसा नागरिक समिति ने किए थे।
आंदोलन की दी चेतावनी
समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि NHAI और निर्माण कंपनी ने सरकारी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
प्रेसवार्ता में अफरोज अहमद (अध्यक्ष, निरसा नागरिक समिति) और अधिवक्ता शंकर घोष सहित समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि परियोजना जनहित से जुड़ी है और इसकी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप पूरी की जानी चाहिए।

