कोलकाता: राज्य सरकार के बजट में रोजगार, कृषि, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए सरकारी नियुक्तियों, किसानों के लिए राहत, युवाओं के लिए भत्ते और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कई फैसलों की घोषणा की। सरकार का दावा है कि यह बजट रोजगार सृजन और आम लोगों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
सरकारी नियुक्तियों और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
बजट में सरकारी नियुक्तियों का रास्ता खोलने की घोषणा की गई है। साथ ही 100 करोड़ रुपये तक के निवेश के लिए स्थानीय निकायों से अनुमति लेने की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। रोजगार सृजन से जुड़े निवेश को विशेष छूट देने की भी बात कही गई है। इसके अलावा एमएसएमई क्षेत्र और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
किसानों के लिए कई राहत भरे फैसले
किसानों के लिए भी बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सहायक मूल्य में 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर दो रुपये प्रति यूनिट की छूट देने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की लागत कम होगी और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
एक करोड़ लोगों को मिलेगा अन्नपूर्णा योजना का लाभ
सरकार ने घोषणा की है कि जुलाई महीने में एक करोड़ लोगों को अन्नपूर्णा योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा स्कूली छात्राओं के बीच ड्रॉपआउट की समस्या रोकने के लिए एकमुश्त 50 हजार रुपये देने की योजना का भी ऐलान किया गया है।
बेरोजगार युवाओं को मिलेगा मासिक भत्ता
अक्टूबर महीने से स्नातक बेरोजगार युवाओं को हर महीने तीन हजार रुपये का भत्ता देने की घोषणा की गई है। इसके लिए परिवार की मासिक आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए। अन्य श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को दो हजार रुपये मासिक सहायता दी जाएगी।
DA के अंतर को धीरे-धीरे खत्म करने का वादा
सरकार ने केंद्र और राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) के बीच मौजूद 22 प्रतिशत के अंतर को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का भरोसा दिया है। वहीं आशा और आईसीडीएस कर्मियों के मानदेय में पांच हजार रुपये की वृद्धि की घोषणा की गई है।
पूजा से पहले 4 हजार कॉन्स्टेबल होंगे तैनात
दुर्गापूजा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोलकाता की सड़कों पर चार हजार नए कॉन्स्टेबल तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा सिविक वॉलंटियर्स और होमगार्ड से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मिला बढ़ावा
सरकारी स्कूलों के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने और मिड-डे मील योजना के बजट में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। अस्पतालों में मरीजों के भोजन के लिए पहले जहां 56 रुपये का प्रावधान था, उसे बढ़ाकर 110 रुपये कर दिया गया है।
संस्कृति और सामाजिक संस्थाओं को भी मिलेगा सहयोग
सरकार ने कहा कि संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सहयोग जारी रहेगा। इस्कॉन और भारत सेवाश्रम संघ जैसी संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने की योजना को भी समर्थन दिया जाएगा।
सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और समाज के कमजोर वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और आने वाले समय में इससे राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

