धनबाद, 19 जून: भारत सरकार की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित युवा संगम फेज-6 का सप्ताहव्यापी कार्यक्रम शुक्रवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश से आए 56 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड की संस्कृति, विरासत, शिक्षा, उद्योग और विकास को नजदीक से समझने का अवसर प्राप्त किया।
आईआईटी (आईएसएम) के पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) के अध्यक्ष एवं विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. शेखर चिंतामणि मांडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के निदेशक प्रो. ए.के. मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में आईआईटी (आईएसएम) के डीन (एकेडमिक) प्रो. एम.के. सिंह, डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) प्रो. एस.के. गुप्ता, एसोसिएट डीन प्रो. संजय मंडल, आईआईटी इंदौर की एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. अनन्या घोषाल तथा रजिस्ट्रार प्रभोध पांडेय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मधुलिका गुप्ता ने किया।
मुख्य अतिथि प्रो. शेखर चिंतामणि मांडे ने अपने संबोधन में कहा कि युवा संगम जैसे कार्यक्रम देश के युवाओं को विविध संस्कृतियों, परंपराओं, विज्ञान, तकनीक और विकास की विभिन्न धाराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। वहीं प्रो. ए.के. मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के साथ युवाओं में व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
12 जून को आईआईटी (आईएसएम) पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया था। उद्घाटन समारोह में पद्मश्री जामुना टुडू को सम्मानित किया गया तथा झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाले प्रसिद्ध छऊ नृत्य की प्रस्तुति ने प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया था।
सप्ताहभर के प्रवास के दौरान युवाओं ने मैथन डैम एवं हाइड्रो पावर प्लांट, मां कल्याणेश्वरी मंदिर, आईआईटी (आईएसएम) का जियोलॉजिकल म्यूजियम और लॉन्गवॉल गैलरी, बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर, बोकारो स्टील प्लांट, राजभवन रांची, एनआईएएमटी, बिरसा मुंडा संग्रहालय, रॉक गार्डन, पारसनाथ और तोपचांची डैम सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया। इसके अलावा उन्होंने आईआईटी (आईएसएम) के इनोवेशन सेंटर और एआई-रोबोटिक्स सुविधाओं को भी देखा तथा वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों और छात्रों के साथ संवाद किया।युवा संगम कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से प्रतिभागियों को दूसरे राज्यों की संस्कृति, भाषा, शिक्षा व्यवस्था, औद्योगिक विकास और नवाचार गतिविधियों को समझने का अवसर मिलता है।
गौरतलब है कि इसी कार्यक्रम के तहत आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के समन्वय में झारखंड का 42 सदस्यीय युवा दल 26 मई से 4 जून तक मध्य प्रदेश और आईआईटी इंदौर के अध्ययन भ्रमण पर गया था।समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए झारखंड में बिताए गए समय को अविस्मरणीय बताया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, आईआईटी इंदौर तथा शिक्षा मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया।

