विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि देश में पासपोर्ट सेवाओं की पहुंच अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक व्यापक और सरल हो गई है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट वितरण की प्रक्रिया अब वास्तव में “लोकतांत्रिक” बन चुकी है, जिससे देश के हर हिस्से के नागरिकों को इसका लाभ मिल रहा है।
पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर आयोजित सालाना रीजनल पासपोर्ट आफिसर्स कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सालाना पासपोर्ट जारी करने की संख्या बढ़कर 138 लाख से अधिक हो गई है, जो भारत और यहां के लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं को दिखाता है।
विदेश मंत्री ने कहा कि आज पासपोर्ट सेवा तेज और आसानी से उपलब्ध हो गई है, जबकि पहले पासपोर्ट पाना एक विशेषाधिकार जैसा था। उन्होंने कहा कि आज पासपोर्ट की डिलीवरी की सुविधा सचमुच सबके लिए सुलभ हो गई है। जयशंकर ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विजेताओं को कई कैटेगरी में पासपोर्ट सेवा पुरस्कार भी दिए। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2014 में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या 77 थी, जो अब 545 से अधिक हो गई है।

