जामताड़ा में साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा, फर्जी बैंक हेल्पलाइन के जरिए लोगों को बना रहे थे शिकार

जामताड़ा में फर्जी बैंक हेल्पलाइन गैंग का भंडाफोड़

जामताड़ा: साइबर अपराध के लिए कुख्यात रहे जामताड़ा जिले में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना की टीम ने विशेष अभियान चलाकर आरोपियों को दबोचा। जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक के फर्जी कस्टमर केयर नंबर गूगल पर अपलोड कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे।

गूगल पर बदल देते थे बैंक का नंबर

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर की जगह अपना फर्जी मोबाइल नंबर गूगल पर अपडेट करा देते थे। जब ग्राहक सहायता के लिए इंटरनेट पर नंबर खोजते थे, तो वे सीधे साइबर ठगों के संपर्क में पहुंच जाते थे।

इसके बाद आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और क्रेडिट कार्ड बंद होने, नया कार्ड जारी करने या खाते से जुड़ी अन्य समस्याओं का हवाला देकर उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। जानकारी मिलते ही खाते से रकम निकाल ली जाती थी।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान सनातन दास, नितेश दास और सिराज अंसारी को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 9 मोबाइल फोन और 22 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

साइबर अपराधियों से बचने के लिए पुलिस की सलाह

जामताड़ा पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी बैंक का हेल्पलाइन नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट, पासबुक या दस्तावेजों से ही प्राप्त करें। फोन पर कभी भी ओटीपी, पिन, पासवर्ड या सीवीवी नंबर साझा न करें।

अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकता है या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकता है।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन डिजिटल ठगी से बचने के लिए लोगों की जागरूकता और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।

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