बाघमारा/धनबाद: बाघमारा प्रखंड के माटीगढ़ा में आयोजित श्री श्री 108 रुद्र महायज्ञ एवं शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा समारोह में धनबाद के मेयर संजीव सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

इंदिरा चौक से यज्ञ स्थल तक हुआ भव्य स्वागत
यज्ञ स्थल पहुंचने से पहले बाघमारा के इंदिरा चौक पर स्थानीय लोगों ने आतिशबाजी और फूल-मालाओं के साथ मेयर संजीव सिंह का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों के साथ जुलूस के रूप में वे यज्ञ स्थल पहुंचे, जहां पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया गया। मेयर ने आयोजन की सफलता के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।

सनातन संस्कृति को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका अहम : संजीव सिंह
सभा को संबोधित करते हुए मेयर संजीव सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को फिर से मजबूत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद देशभर में धार्मिक चेतना का नया वातावरण बना है।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति मजबूत होगी तो देश, झारखंड और धनबाद भी मजबूत होंगे। भगवान भोलेनाथ और राम मंदिरों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के कार्यों में तेजी आई है, जो समाज के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

‘बाघमारा की जनता रूपी हनुमान जलाएगी रावण की लंका’
अपने संबोधन में मेयर संजीव सिंह ने पौराणिक प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जब हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई गई थी तो पूरी लंका जलकर राख हो गई थी। उन्होंने कहा कि जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है और अन्याय तथा अहंकार के खिलाफ जनता ही अंतिम फैसला करती है।
उन्होंने कहा, “बाघमारा की जनता रूपी हनुमान अन्याय और अहंकार की रावण रूपी लंका को जलाने का काम करेगी। जनता के सामने किसी की नहीं चलती और इतिहास इस बात का गवाह है कि जनता की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है।”

उनके इस बयान को क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या दल का नाम नहीं लिया।
सात दिनों तक होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना करते हुए यज्ञ में आहुति दी। आयोजन समिति के अनुसार सात दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

