रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी मुकाबले में महागठबंधन और एनडीए दोनों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बैठकों और राजनीतिक संपर्कों का दौर लगातार जारी है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच एनडीए खेमे में उस समय चर्चा तेज हो गई, जब सोमवार को हुई बैठक में सात विधायक मौजूद नहीं रहे। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सभी दल सक्रिय हैं। महागठबंधन अपने चुनावी गणित को मजबूत मान रहा है, जबकि एनडीए भी जीत की संभावनाओं को लेकर लगातार प्रयासरत है।
निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी को एनडीए का समर्थन प्राप्त है। उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए एनडीए लगातार रणनीतिक बैठकें कर रहा है और विधायकों के साथ समन्वय बनाए हुए है।
बैठक से सात विधायक रहे नदारद
सोमवार को आयोजित एनडीए की बैठक में सात विधायक अनुपस्थित रहे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इससे चुनावी गणित को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, नथवानी की जीत के लिए आवश्यक समर्थन जुटाने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में बैठक से कुछ विधायकों की अनुपस्थिति को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज होटल में शिफ्ट होंगे एनडीए विधायक
चुनाव से पहले अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति के तहत एनडीए ने सभी विधायकों को मंगलवार से रांची स्थित होटल रेडिसन में ठहराने का फैसला किया है।
राजनीतिक दल अक्सर राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर अपने विधायकों को एक साथ रखने की रणनीति अपनाते हैं, ताकि मतदान तक समन्वय और संपर्क बना रहे।
18 जून को होगा मतदान
झारखंड की दोनों राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। मतदान से पहले दोनों खेमों की ओर से राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिशें जारी हैं।
चुनाव परिणाम को लेकर फिलहाल सभी की निगाहें विधायकों की एकजुटता और अंतिम समय के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव का यह मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

