कभी अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों के लिए पहचान रखने वाला पलामू अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। जिले के युवा फिल्म निर्माण को लेकर गंभीरता दिखा रहे हैं।
इसका प्रमाण आगामी 26 से 28 जून तक रांची के सरला बिरला विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में देखने को मिलेगा, जहां पलामू के फिल्मकारों द्वारा निर्मित आठ फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
67 फिल्मों का होगा स्क्रीनिंग
फिल्म फेस्टिवल आयोजन समिति के सदस्य एनके सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से चयनित फिल्मों की सूची जारी की है। झारखंड भर से प्राप्त 84 फिल्मों में से 67 फिल्मों का चयन स्क्रीनिंग के लिए किया गया है, जिनमें पलामू की आठ फिल्में शामिल हैं।
इनमें छह शॉर्ट फिल्म और दो डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। फेस्टिवल में फिल्मों के प्रदर्शन के साथ विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। आयोजन में कई नामचीन फिल्मी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
पलामू की खास फिल्मों पर रहेगी नजर
पलामू से जिन फिल्मों का चयन हुआ है, उनमें मेलोडी थिएटर एंड फिल्म्स एवं भूमिका फिल्म्स के संयुक्त बैनर तले निर्मित ‘मिसिंग डायरी’ और ‘सिगरेट रहस्य’, प्रवीण तिवारी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड की ‘माही’, यंग स्टार ग्रुप की ‘दहाड़’ तथा मासूम आर्ट ग्रुप की ‘जय मां काली’ प्रमुख हैं।
इसके अलावा मासूम आर्ट ग्रुप की एक अन्य शॉर्ट फिल्म ‘बोलो नहीं, करो’ का भी प्रदर्शन होगा। इस फिल्म की शूटिंग शिमला में पलामू के कलाकारों के साथ की गई है। वहीं पलामू के फिल्मकारों द्वारा निर्मित दो डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी फेस्टिवल में प्रदर्शित की जाएंगी।
फिल्म फेस्टिवल के दौरान आयोजन समिति की ओर से एक स्मारिका का भी विमोचन किया जाएगा। स्मारिका समिति के सदस्य नवीन सहाय ने बताया कि इसमें पलामू के साहित्यकारों और फिल्म प्रेमियों की रचनाओं को स्थान दिया गया है। रविशंकर पांडेय, प्रभात मिश्रा ‘सुमन’, राणा अरुण सिंह सहित कई लेखकों के फिल्म विषयक लेख और संस्मरण इसमें प्रकाशित होंगे।
रील मेकिंग में सबसे आगे हैं पलामू
फेस्टिवल के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित रील मेकिंग प्रतियोगिता में भी पलामू के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। नवोदित कलाकार प्रकाश संगम की एक रील सोशल मीडिया पर वायरल होकर 1.70 लाख से अधिक व्यूज हासिल कर चुकी है। इसके अलावा राज प्रतीक पाल, अमर कुमार भांजा और अविनाश तिवारी जैसे युवाओं ने भी रील के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया है।
फिल्म फेस्टिवल में जिले की मजबूत भागीदारी से पलामू के कलाकारों और सिनेप्रेमियों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय फिल्मकारों का मानना है कि ऐसे मंच झारखंड और विशेषकर पलामू की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

