यह प्रणव झा की पराजय नहीं, झारखण्ड में महागठबंधन में आने वाले तूफान की आहट है!
शिवपूजन सिंह, वरिष्ठ पत्रकार रांची (Ranchi ):-सियासत की रस्सीयां बेहद नाजुक होती है, न जाने कितने सियासतदानों के ख्वाब इसमे लटकर ख़ुदकुशी कर ली. राजनीति में अंतिम सत्य कुछ भी…




