चंद्रकोनारोड/पश्चिम बंगाल: गड़बेता क्षेत्र में कथित कटमनी मामले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। गड़बेता-3 ब्लॉक के सातबांकुड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मेटाडहोर पूर्वी बूथ में गुरुवार को आयोजित एक विशेष शिविर में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को कथित रूप Siva वसूली गई राशि वापस की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन भाजपा की पहल पर किया गया।स्थानीय लोगों के अनुसार, आवास समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर गरीब और जरूरतमंद लोगों से कथित तौर पर अवैध वसूली की गई थी। शिविर में लाभार्थियों के नाम दर्ज कर उनके हस्ताक्षर लेकर राशि लौटाई गई, जिसके बाद इलाके में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।राशि वापस मिलने पर कई लाभार्थियों ने राहत जताई, लेकिन साथ ही लोगों के बीच यह सवाल भी प्रमुखता से उठने लगा कि यदि किसी व्यक्ति या समूह ने गलत तरीके से पैसा लिया था, तो केवल पैसा वापस कर देने से क्या उसका अपराध समाप्त माना जा सकता है?स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गरीबों से कथित रूप से वसूली गई रकम लौटाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। मामले को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।
रिपोर्ट: अतीकुर रहमान | News ANP, पश्चिम बंगाल

