DESK:खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच चुका है। पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात ने खाने के तेल और ड्राई फ्रूट बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है। दून में रिफाइंड तेल 20 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है, जबकि ईरानी पिस्ता के दाम में एक हजार रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दरअसल, भारत में बड़े पैमाने पर पाम ऑयल की सप्लाई खाड़ी देशों से होती है। लेकिन पिछले दो महीनों से जारी युद्ध और तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। कंपनियों का पुराना स्टॉक अब खत्म होने लगा है और नई खेप ज्यादा कीमत पर बाजार में पहुंच रही है।
दो महीने पहले तक 150 से 160 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला ब्रांडेड रिफाइंड अब 170 से 180 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इसका सबसे बड़ा असर घरेलू बजट पर पड़ा है। वहीं होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
“खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित होने की वजह से तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।”
सिर्फ तेल ही नहीं, ईरान से आने वाले पिस्ता की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। बाजार में पिस्ता अब करीब 3400 रुपये किलो बिक रहा है, जो पहले के मुकाबले करीब एक हजार रुपये महंगा है।
कारोबारियों का मानना है कि अगर खाड़ी देशों में तनाव और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ तेल और ड्राई फ्रूट तक सीमित नहीं रहेगा। मिठाइयों, स्नैक्स और होटल इंडस्ट्री में भी महंगाई की मार देखने को मिल सकती है।
महंगाई और जमाखोरी की आशंका के बीच जिला पूर्ति विभाग भी अलर्ट मोड पर है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने अधिकारियों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यानि खाड़ी देशों का तनाव अब आम आदमी की थाली पर असर डालने लगा है। आने वाले दिनों में हालात कैसे बदलते हैं, इस पर हर किसी की नजर बनी हुई है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

