DESK: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच हालात और जटिल होते नजर आ रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर शनिवार को फायरिंग की घटना ने नई चिंता पैदा कर दी है।
यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है, और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
घटना के बाद विदेश मंत्रालय भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। नई दिल्ली ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता और नाराजगी जाहिर की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और ईरान सरकार के बीच मतभेद भी सामने आए हैं, खासकर जहाजों के आवागमन को लेकर।
अब बड़ा सवाल ये है: क्या होर्मुज़ खुला है या बंद?
फिलहाल, आधिकारिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा जोखिम काफी बढ़ गए हैं। फायरिंग जैसी घटनाएं संकेत देती हैं कि हालात बेहद नाजुक हैं और कभी भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
यानी, रास्ता तकनीकी रूप से खुला है, लेकिन खतरा पहले से कहीं ज्यादा गहरा हो चुका है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

