शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबियत 15 वें दिन बिगड़ गई। डॉक्टरों के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर गिर गया है, साथ ही वजन भी करीब 7 किलो 800 ग्राम घट गया है।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की है
लगातार बिगड़ती तबियत के बीच सोनम वांगचुक ने आम लोगों से अपील की है, कि वह इस प्रदर्शन में शामिल हों। साथ ही उन्होंने लोगों से दूसरों में नायक न खोजने की अपील की। वांगचुक ने कहा, ‘वह सिर्फ एक आम नागरिक हैं, न कि आधुनिक गांधी या कोई नायक।’ नीट-यूजी एग्जाम में कथित अनियमितताओं को लेकर यहां जंतर-मंतर पर ‘ कॉकरोच जनता पार्टी ‘ का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन जारी रहा।
सोनम वांगचुक का बीपी गिरा, वजन घटा
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जारी स्वास्थ्य सूचना के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का बीपी गिरकर 104/66 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया है, जबकि उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया। इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी ने बताया है कि कई नेता और जाने-माने बुद्धिजीवी आंदोलन के प्रति समर्थन दिखाने के लिए दिन में विरोध स्थल का दौरा करने वाले हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल के 15 दिन हो चुके हैं। सरकार कब जागेगी?’
“कृपया किसी और में नायक न ढूंढें”
सोनम वांगचुक ने शनिवार को लोगों से दूसरों में नायक न खोजने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वह ‘सिर्फ एक आम नागरिक’ हैं, न कि ‘आधुनिक गांधी’ या कोई नायक।
उन्होंने ‘एक्स’ पर वीडियो डालकर कहा था, ‘कृपया किसी और में नायक न ढूंढें। अपनी जिंदगी के नायक खुद बनें। एक नागरिक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं।’ उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को एकजुट होकर सांसदों से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए कहना चाहिए।
मानसून सत्र के पहले दिन शांतिपूर्ण मार्च
कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रही है। पार्टी ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है।

