अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई बढ़ गई है। उनके मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में यहां से औसतन करीब 90 लाख बैरल तेल रोजाना बाहर भेजा गया।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा क्षेत्र में हाल ही में अपग्रेड की गई पाइपलाइनों और निर्यात सुविधाओं के जरिए 50 से 70 लाख बैरल तेल प्रतिदिन अतिरिक्त भेजा जा रहा है।
कुल सप्लाई करीब 1.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन
क्रिस राइट के अनुसार, इन दोनों स्रोतों को मिलाकर खाड़ी क्षेत्र से बाहर जाने वाले तेल की कुल औसत सप्लाई करीब 1.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन हो गई है।
उन्होंने कहा कि अकेले रविवार को अरबियन गल्फ क्षेत्र से 2 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल बाहर भेजा गया। यह आंकड़ा संघर्ष शुरू होने से पहले की औसत सप्लाई से भी ज्यादा बताया गया है।
अमेरिकी सेना और खाड़ी देशों के सहयोग का दावा
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सेना और खाड़ी देशों के सहयोगियों के संयुक्त प्रयासों से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल की सप्लाई बढ़ाने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि नई पाइपलाइनों और बेहतर की गई निर्यात सुविधाओं के कारण क्षेत्र से तेल बाहर भेजने के लिए अतिरिक्त रास्ते भी उपलब्ध हुए हैं।
रविवार को 2 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल निकला
क्रिस राइट ने यह भी कहा कि रविवार को (Arabian Gulf Region) अरब खाड़ी इलाके से 2 करोड़ (20 मिलियन) बैरल से ज़्यादा तेल निकला, जो युद्ध से पहले के औसत से ज़्यादा है.
वॉशिंगटन और तेल अवीव ने फरवरी के आखिर में ईरान पर मिली-जुली कार्रवाई करते हुए हमले किए. अमेरिका और ईरान ने 17 जून को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए और अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू की.
सुरक्षा गारंटी और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आजादी को लेकर असहमति होने के कारण ये बातचीत आगे रुक गई. यह जलडमरूमध्य दुनिया में ऊर्जा सप्लाई और व्यापार के लिए सबसे अहम रास्तों में से एक है.
8 से 24 जुलाई के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमले हुए, जिसमें वॉशिंगटन ने ईरान के अंदर कई ठिकानों पर हमले किए. इसके जवाब में तेहरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत समेत कई अरब देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उपकरणों पर हमले किए.

