सोनीपत के अंकित बालियान हत्याकांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए सुमित के परिवार ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी है। सुमित के पिता धर्मपाल ने बताया कि उनके बेटे का अपराध की दुनिया से जुड़ाव मोहित के संपर्क में आने के बाद हुआ था।
वहीं, सुमित के एनकाउंटर को लेकर परिवार ने यूपी पुलिस पर सवाल उठाए हैं। पिता का आरोप है कि पुलिस ने पहले सुमित का एनकाउंटर नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन इसके बावजूद एनकाउंटर कर दिया गया।
मोहित के संपर्क में आने के बाद अपराध से जुड़ा सुमित
सुमित के पिता धर्मपाल ने बताया कि उनका बेटा 12वीं की एक परीक्षा में पास नहीं हो पाया था। इसके बाद वह उनके साथ मजदूरी करता था।
पिता के मुताबिक, करीब ढाई महीने पहले सोनीपत में हुए ट्रिपल मर्डर के बाद सुमित की पहचान मोहित से हुई। मोहित का उनके घर आना-जाना भी था। परिवार ने सुमित को उसके साथ रहने से मना किया था।
धर्मपाल ने बताया कि 26 अगस्त को सुमित के पास फोन आया था, लेकिन मोहित ने उससे बात नहीं करने दी। बाद में मोहित ने परिवार को बताया कि सुमित कहीं चला गया है। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि सुमित कहां गया।
पिता का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि सुमित किसी लालच में गया था या उस पर कोई दबाव था। वह घर से कपड़े लेकर निकला था।
पिता का दावा- एनकाउंटर नहीं करने का दिया था भरोसा
धर्मपाल के अनुसार, शनिवार को यूपी पुलिस उन्हें और उनके छोटे बेटे को अपने साथ ले गई थी। देर रात पुलिस उन्हें वापस घर छोड़कर चली गई।
पिता का दावा है कि उस समय पुलिस ने उन्हें भरोसा दिया था कि सुमित का एनकाउंटर नहीं किया जाएगा। अब एनकाउंटर होने के बाद वह पुलिस से सवाल कर रहे हैं कि आश्वासन के बावजूद ऐसा क्यों किया गया।
हालांकि, धर्मपाल ने कहा कि उन्हें सुमित के एनकाउंटर का उतना दुख नहीं है। उनके मुताबिक, “उसने जो किया, उसकी सजा उसे मिली।”
छोटे बेटे के साथ व्यवहार को लेकर नाराज पिता
सुमित के पिता ने अपने छोटे बेटे यशपाल के साथ पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि यशपाल तीसरी कक्षा तक पढ़ा है और वाई-फाई लगाने का काम करता है।
धर्मपाल का आरोप है कि उनके छोटे बेटे के साथ गलत व्यवहार किया गया और उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया। इसी बात को लेकर वह काफी परेशान हैं।
पिता ने दी आत्महत्या की चेतावनी
धर्मपाल ने कहा कि अगर उनका छोटा बेटा जल्द ठीक नहीं हुआ तो वह खुद को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह गरीब हैं और बच्चों का गुजारा करना उनके लिए मुश्किल है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी ने अपराध किया है तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उनके छोटे बेटे के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार क्यों किया गया।

