सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस हाईकोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए जंतर-मंतर स्थित अनशन स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। इस कार्रवाई के बाद पूरे दिन राजनीतिक और सामाजिक विवाद देखने को मिला। विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की।
वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी ने उनकी मेडिकल जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि उनकी दोबारा किसी दूसरे डॉक्टरों की टीम से जांच कराई जाए। दूसरी ओर, अस्पताल के डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जता रहे हैं और जल्द इलाज की जरूरत बता रहे हैं।
इसी बीच, सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने बयान जारी कर कहा कि सोनम वांगचुक अस्पताल से छुट्टी लेने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं। उनका कहना है कि उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ अस्पताल में नहीं रखा जा सकता। वह फिर से जंतर-मंतर लौटकर लोगों के बीच अपना आंदोलन जारी रखना चाहते हैं।
सोनम सर चाहते हैं, वो धरना स्थल आएं: सौरभ दास
सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने धरनास्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मरीज को पूरा अधिकार है कि वह डॉक्टर्स की एडवाइस के खिलाफ जाकर खुद को डिस्चार्ज करवा सकता है. यह एक अधिकार है. सोनम सर चाहते हैं कि वो धरनास्थल पर आएं, लेकिन अस्पताल वाले तो चाहते हैं कि वो वहीं रहे.
सौरभ दास ने कहा कि उनका (सोनम वांगचुक) जंतर मंतर आने का मन है, लेकिन प्रशासन परमिशन नहीं दे रहा है. तो वो अपना अधिकार, जो डॉक्टर की एडवाइस के खिलाफ जाकर अपने आपको डिस्चार्ज करवाएं उसकी कोशिश कर रहे हैं. अभी देखते हैं क्या होता है. लेकिन वो पूरी कोशिश करेंगे कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को आगे लीड करके हमारे साथ चलें. सौरभ ने इसके अलावा पूरे दिल्लीवासियों से जंतर मंतर आने की अपील की है. और देशवासियों से निडर होने को कहा है. साथ ही कहा है कि आपका सिस्टम है. आपको अपने सिस्टम को सुधारना होगा. जिम्मेदारी लेनी होगी. आखिर में सौरभ दास ने चलो संसद का नारा भी लगाया.
अन्ना हजारे भी सोनम वांगचुक के समर्थन में उतर आए
इसके अलावा आज जंतर मंतर पर दिनभर माहौल तनाव भरा रहा. एक तरफ दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को घटनास्थल से उठाकर अस्पताल में एडमिट किया तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों से स्थल को खाली करने को कहा गया. सोनम वांगचुक के जाने के बाद भूख हड़ताल की कमान सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने संभाली. उन्होंने खुद भूख हड़ताल करने की घोषणा कर दी. इस दौरान एक महिला ने उनपर स्याही फेंकी और थप्पड़ मारने की कोशिश भी की. इसका वीडियो भी सामने आया. दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी. इनमें राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी, डिंपल यादव, योगेंद्र यादव समेत कई लोगों ने आड़े हाथों लिया. खुद अन्ना हजारे भी सोनम वांगचुक के समर्थन में उतर आए हैं.

