केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर लागू इमरजेंसी नियंत्रण हटा दिए हैं। ये नियम मार्च 2026 में लागू किए गए थे, ताकि गैस की कमी होने पर उर्वरक, CNG-PNG, बिजली उत्पादन और अन्य जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा सके। अब हालात सामान्य होने के बाद सरकार ने ये अस्थायी प्रावधान वापस ले लिए हैं।
गैस की सप्लाई में इमरजेंसी कंट्रोल हटाया गया
सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है. घरेलू उत्पादन, आयात और वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है तथा तत्काल किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है. ऐसे में इमरजेंसी कंट्रोल बनाए रखने की जरूरत नहीं रह गई थी. इसी कारण इन विशेष प्रावधानों को वापस लेने का फैसला लिया गया है. अब प्राकृतिक गैस की सप्लाई और वितरण फिर से सामान्य व्यवस्था के तहत होगा और इमरजेंसी नियंत्रण लागू नहीं रहेगा.
अमेरिका और ईरान युद्ध के बाद होर्मुज संकट पैदा हुआ था
बता दें कि अमेरिका और ईरान युद्ध के बाद होर्मुज संकट पैदा हुआ था, जिसकी वजह से दुनियाभर में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कमी हो गई. जिसकी वजह से सरकार ने इस पर इमरजेंसी कंट्रोल लगाया था. अब अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का समझौता हुआ है, जिसके बाद वो अब फाइनल बातचीत चल रही है. अब देखना होगा दोनों पक्ष कितने दिनों में आम सहमति पर पहुंच सकते हैं.

